आगरा। जिला कृषि अधिकारी ने शुक्रवार को खेरागढ़ में स्टिंग ऑपरेशन करके खाद की कालाबाजारी पकड़ी है। विक्रेता ने 1200 रुपये की कीमत वाले डीएपी के पैकेट को 1350 रुपये में उन्हें बेचा। संचालक के खिलाफ एफआईआर कराई है।
जिला कृषि अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि वह किसान की वेशभूषा में खेरागढ़ के अमन खाद भंडार पर पहुंचे। यहां डीएपी के 50 किलो के पैकेट का भाव पूछा तो 1350 रुपये बताया गया, जबकि इसकी निर्धारित कीमत 1200 रुपये है। उन्होंने रुपये देकर पैकेट गाड़ी में रखवाते ही अपनी टीम के अन्य अधिकारियों को बुला लिया। दुकान की जांच की तो उसमें डीएपी के 10 पैकेट मिले। यहां बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं था, रजिस्टर ही नहीं बनाया था। दुकान पर खाद की कीमत सूची बोर्ड भी नहीं लगा था। यहां खाद लेने आए किसानों ने बताया कि यह दुकानदार यह पैकेट 1400 रुपये तक बेचता है। उन्होंने दुकान पर रखे 10 पैकेट को तय कीमत पर जरूरतमंद किसानों को उपलब्ध कराया। संचालक शुभम गर्ग पर एफआईआर दर्ज कराते हुए नोटिस भी दिया है।
शमसाबाद के दो दुकानदारों पर एफआईआर
जिला कृषि अधिकारी ने बृहस्पतिवार को शमसाबाद में गौरव खाद-बीज भंडार और नवीन खाद-बीज भंडार के संचालकों पर एफआईआर दर्ज कराई है। इन विक्रेताओं ने भी किसान बनकर आए अधिकारी को डीएपी को 1350 रुपये में बेचा था। इनके यहां भी कीमत सूची, बिक्री रजिस्टर नहीं मिला था।
1350 रुपये का है, लेना है तो लो
गले में गमछा और पैरों में चप्पल पहने जिला कृषि अधिकारी किसान बनकर दुकान पर गए। विक्रेता से मोलभाव किया। जिला कृषि अधिकारी और दुकानदार के बीच यह हुई बातचीत:
कृषि अधिकारी : भइया, डीएपी कौ कट्टा कितेएकौ है।
विक्रेता : 1350 रुपये कौ, कै कट्टा चइएं।
कृषि अधिकारी : एक कट्टा, लेकिन रेट तो ज्यादा बताइ रहे हो, 1200 रुपया कौ आवतु है।
विक्रेता: अरे भाई, खाद ढूंढे तो मिल नाय रहो, 1350 रुपये को ही मिलेगौ, लेनों है तो लेओे, नहीं तो कईं और देख लेओ।
कृषि अधिकारी : चलो एक कट्टा मोटर साइकिल पर रखवाइ देयो, रसीद तो दोेगे कि नाएं।
विक्रेता : कोई रसीद-वसीद नाएं, जल्दी रुपइया देओ।