स्टेट जीएसटी की टीम ने गुरुवार रात नैनाना जाट की फर्म मुस्कान ट्रेडर्स का सर्वे किया, जिसमें 1.38 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई। फर्म ने 73.80 लाख रुपये का टैक्स डिमांड एंड रिकवरी फॉर्म (डीआरसी) से जमा किया। बाकी जल्द चुकाने का भरोसा दिया।
स्टेट जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर मारुति शरण चौबे ने बताया कि मुस्कान ट्रेडर्स की जांच में पाया गया कि जिन फर्मों से खरीद घोषित कर आईटीसी क्लेम की जा रही थी, उनकी पूर्ववर्ती फर्मों के जीएसटीआर-2ए में कोई आईटीसी प्रदर्शित नही हो रही थी। वह फर्म भी आईटीसी जेनरेट कर आगे पास ऑन की जा रही थी।
ई-वे बिल से की गयी खरीद की जांच पर पाया गया कि जिन रूट का ब्योरा दिया गया, उसके टोल प्लाजा से वाहन गुजरा ही नहीं है। बिना वाहन निकले ही माल की खरीद घोषित कर आईटीसी क्लेम की जा रही थी। फर्म के जरिए जीएसटीआर-2ए/2बी में प्रदर्शित आईटीसी से अधिक आईटीसी जीएसटीआर-3बी में क्लेम की जा रही थी।
टैक्स चोरी पर जमा कराए 73.80 लाख रुपये
मुस्कान ट्रेडर्स की जांच के समय मिली कमियों के आधार पर 1.38 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई। व्यापारी से 73.80 लाख कर के रूप में डीआरसी-03 के माध्यम से जमा कराया गया है। बाकी धनराशि को व्यापारी ने डीआरसी-03 के माध्यम से जमा करने का आश्वासन दिया। जांच में एडिशनल कमिश्नर सर्वजीत, जॉइंट कमिश्नर प्रमोद दुबे, भारतेंदु दत्त शुक्ला, डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र प्रताप सिंह, राकेश नारायण मिश्रा आदि मौजूद रहे।