प्रतिवादी पक्ष पर लगाया यह आरोप
दावे पर सुनवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष ने इससे पूर्व दावे के प्रतिवादी पक्ष शाही मस्जिद ईदगाह के पदाधिकारियों पर आरोप लगाया था कि बड़े स्तर पर मस्जिद में लगे उन पत्थरों को बदला जा रहा है, जो आक्रामक औरंगजेब ने मंदिर तोड़कर मस्जिद में लगाए थे।
शुक्रवार को समिति के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप और एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी ने अदालत में प्रार्थनापत्र दिया। कहा कि चूंकि केस के प्रतिवादीगण मस्जिद के पदाधिकारियों द्वारा मंदिर के मस्जिद में लगे पत्थरों को हटाया जा सकता है, जिससे केस पर असर पड़ेगा, इसलिए रिसीवर की नियुक्ति की जाए।
उन्होंने अपने दूसरे प्रार्थनापत्र में कहा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से ईदगाह मस्जिद ढांचे के विभिन्न स्थलों पर खोदाई करके रिपोर्ट मांगी जाए। सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा बनोदिया की अदालत ने दोनों प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई की और आदेश सुरक्षित कर लिया है।
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