मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मामले को लेकर एक के बाद एक कानूनी लड़ाई शुरू हो रही हैं। अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के बाद हिंदू आर्मी चीफ मनीष यादव की ओर से एक दावा सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा भदौरिया की अदालत में दाखिल किया गया है। इसमें उन्होंने श्रीकृष्ण विराजमान का वंशज होने का दावा किया है।
अदालत में मनीष के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को यह दावा दाखिल किया। उन्होंने वर्ष 1967 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की जमीन को लेकर हुए समझौते की डिक्री (न्यायिक निर्णय) को निरस्त करने की मांग की है। दावा दर्ज होने से पहले न्यायालय ने 22 दिसंबर को सुनवाई की तारीख तय की है। इस दिन वादी मनीष यादव भी अदालत में मौजूद रहेंगे।
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मनीष यादव की ओर से लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह, अंकित तिवारी और मथुरा बार के अधिवक्ता पंकज जोशी, पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि उनके द्वारा दायर वाद में यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन, शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है।