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Farmers Protest: प्रशासन ने मानीं मांगें, किसान नेता रामबाबू कटैलिया का धरना समाप्त

Wed, 16 Dec 2020 12:10 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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किसानों का धरना समाप्त - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा जिले के नौहझील में किसान नेता रामबाबू कटैलिया ने यमुना एक्सप्रेसवे को जाम करने का एलान किया तो प्रशासन ने मंगलवार सुबह बाजना स्थित धरनास्थल से कटैलिया के घर तक करीब 10 किलोमीटर के इलाके को छावनी बना दिया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई। दोपहर को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों के सामने सभी मांगें मानने की घोषणा की। इसके बाद किसानों का धरना समाप्त हो गया।

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बाजना के मोरकी कॉलेज के मैदान में भारतीय किसान कल्याण समिति के बैनर तले किसान धरना प्रदर्शन कर रहे थे। धरने का नेतृत्व किसान नेता रामबाबू कटैलिया कर रहे थे। तीन दिन पूर्व कटैलिया को पुलिस ने हिरासत में लिया तो महिलाओं ने एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया था। बाद में प्रशासन ने कटैलिया को छोड़ दिया। 


सोमवार को कटैलिया ने मंगलवार को एक्सप्रेसवे को जाम करने का एलान किया था। इस पर पुलिस फोर्स मंगलवार सुबह धरनास्थल पर पहुंच गई। दोपहर तक धरनास्थल से कटैलिया के गांव अवाखेड़ा तक तकरीबन दस किलोमीटर के इलाके को छावनी बना दिया। दस स्थानों पर बैरियर, 28 इंस्पेक्टर, तीन सीओ की ड्यूटी लगाई गई। एसपीआरए श्रीशचंद्र, एडीएम प्रशासन सतीश चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम मांट श्याम अवध चौहान धरनास्थल पर तैनात रहे। 

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डीएम ने की मांगें मानने की घोषणा

दोपहर साढ़े तीन बजे डीएम सर्वज्ञराम मिश्र और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर धरनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनकी मांगें मानने की घोषणा की। डीएम ने कहा कि वह किसानों की सभी समस्याओं का समाधान कराएंगे। इस पर कटैलिया ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। धरना प्रदर्शन में किसान कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष ठाकुर शैलेंद्र प्रताप, सुभाष चौधरी, हरवीर सिंह, महीपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह आदि शामिल रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि बाजना में धरना दे रहे किसानों की जांच की जाएगी। शीघ्रता से इस पर काम किया जाएगा। किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। 

खेतों में भी गश्त करती रही पुलिस

किसान आंदोलन के दौरान किसान किसी भी तरह एक्सप्रेसवे जाम करने में लगे हैं। प्रशासन को आशंका थी कि मंगलवार को किसान जाम लगा सकते हैं। इसके लिए वे खेतों के रास्ते भी एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकते हैं। ऐसे में पुलिस ने एक्सप्रेसवे के किनारों पर खेतों और जंगलों में भी गश्त की और किसानों की गतिविधि पर नजर रखी। 
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