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UP: भगंदर-पाइल्स निशुल्क इलाज, 20 मिनट में होगा ऑपरेशन; 24 घंटे में मरीज करने लगेगा कामकाज

Tue, 21 Jul 2026 11:08 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एसएन मेडिकल कॉलेज में पाइल्स, फिस्टुला और फिशर जैसी बीमारियों के लिए लेजर प्रॉक्टोलॉजी सर्जरी शुरू हो गई है। महज 20 मिनट में होने वाली इस सर्जरी के बाद मरीज 24 घंटे में सामान्य कामकाज कर सकेगा।
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लेजर प्रॉक्टोलॉजी सर्जरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाइल्स, फिस्टुला, फिशर और पाइलोनाइडल साइनस जैसी असहनीय दर्द देने वाली बीमारी का महज 20 मिनट में लेजर विधि से ऑपरेशन होगा। खून भी आधा चम्मच से कम निकलेगा और 24 घंटे में मरीज कामकाज करने लगेगा। एसएन मेडिकल कॉलेज में लेजर प्रॉक्टोलॉजी सर्जरी शुरू हो गई है। इस सुविधा को देने वाला एसएन प्रदेश का पहला कॉलेज है। इसे भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से भी मान्यता मिल चुकी हैं।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि अभी तक एसएन में लेजर प्रॉक्टोलॉजी सर्जरी की सुविधा नहीं थी। मरीजों की ओपन सर्जरी से ही इलाज किया जाता था। अब लेजर प्रॉक्टोलॉजी सर्जरी की सुविध शुरू हो गई है। मथुरा के 42 साल की महिला की पहली सर्जरी की गई है। एसएन प्रदेश का पहला कॉलेज बन गया है, जहां लेजर विधि की सुविधा मिल रही है। ये एसएन में निशुल्क है और निजी अस्पताल में 80 हजार से एक लाख रुपये तक का खर्चा आता है। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि पाइल्स, फिस्टुला, फिशर और पाइलोनाइडल साइनस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इस विधि से अब मरीजों को दर्दरहित सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी।

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लेजर से घाव और खराब टिश्यू को करते हैं नष्ट
एसएन के सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. करन रावत ने बताया कि ओपन सर्जरी में चार सेमी तक घाव कर ऑपरेशन करते हैं। इसमें 200 एमएल तक खून बहता है। मरीज काे ठीक होने में काफी समय लगता है। लेजर विधि से चार एमएम के जरिये किरणें घाव की गहराई तक पहुंचाते हैं। इससे संक्रमण और खराब टिश्यू को नष्ट करते हैं। 24 घंटे में ही मरीज दैनिक कार्य करने लगता है। इस विधि से दर्द और घाव कम होता है। संक्रमण का खतरा नहीं। ड्रेसिंग भी आसान है। आईसीएमआर ने इस विधि से ऑपरेशन करने के बाद इसके सफलता दर के लिए शोध की भी अनुमति दी है। सर्जरी में डॉ. अनुभव गोयल, डॉ. ईशान, डॉ. रोहन, डॉ. अर्पिता का सहयोग रहा।

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