जन्माष्टमी पर बुधवार को दिनभर शुभ संयोग करेंगे। इसमें सर्वार्थ सिद्धि योग, ध्रुव योग, शंख योग शामिल हैं। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि रात्रि में खीरा काटकर उसके बीच में लड्डूगोपाल को बैठा दें। रात 12 बजे जन्म के समय उन्हें निकालकर पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं।
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नए वस्त्रों और आभूषणों से शृंगार करें। चंदन, केसर, अक्षत से तिलक करें। लाल, पीले, बैंगनी पुष्पों से सजाएं, खरबूजे की मिंगी, छुआरे, गोला, किशमिश, मखाने की बर्फी या पाग का भोग लगाए। ओउम नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें, मंगल गीत गाएं। प्रभु को भोग लगाने के बाद व्रत खोलें।
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मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है लेकिन श्रद्धालुओं को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में वे फेसबुक पर सजावट का आनंद ले सकते हैं। एमजी रोड स्थित चामुंडा देवी मंदिर के पुजारी पंडित हरिओम शास्त्री ने बताया कि राधा-कृष्ण का भव्य फूल बंग्ला सजाया है। श्रद्धालु फेसबुक पर लाइव दर्शन कर सकते हैं। कैलाश मंदिर के महंत गौरव गिरी ने बताया कि श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिलेगा। वे फेसबुक पर मंदिर के कार्यक्रम देख सकते हैं।