थाना न्यू आगरा क्षेत्र में उपकार प्रकाशन के गोदाम में मंगलवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुनील सिंह का शव फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। पुलिस ने पहली नजर में मामला आत्महत्या का बताया है।
मूलरूप से शमसाबाद निवासी सुनील सिंह (46) पुत्र मुन्नालाल बल्केश्वर के लाल मस्जिद में पत्नी कविता और बेटे शेखर के साथ रहते थे। उनके भतीजे देशराज ने बताया कि वह छह महीने से कंपनी में काम कर रहे थे। उन्हें सुबह दस बजे कर्मचारियों को चाय देनी थी।
चाय न मिलने पर कर्मचारी उन्हें ढूंढने लगे। आधा घंटे बाद शव गोदाम में पुराने स्टॉक की गैलरी में रैक से साफी से बने फंदे से लटका मिला। जानकारी पर सुनील की पत्नी कविता सहित अन्य परिजन पहुंच गए। उन्होंने सुनील के साथ अनहोनी की आशंका जताई।
सीसीटीवी कैमरे में गोदाम में जाता नजर आया
पुलिस को मैनेजर देवेंद्र शर्मा ने बताया कि सुनील एक साल पहले काम छोड़कर चला गया था। अनलॉक में दोबारा नौकरी पर आया था। शव मिलने के बाद गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए तो सुनील सुबह 9:44 बजे अकेला अंदर जाता हुआ दिखाई दिया, लेकिन वह लौटकर नहीं आया।
एएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि कर्मचारी का शव फंदे पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। जांच की जा रही है। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। कोई आरोप भी नहीं लगाया है।
एक घंटे बाद दी गई सूचना
मृतक के ससुर खूबीराम ने बताया कि सुनील की मौत की जानकारी एक घंटे बाद दी गई। इसके बाद सुनील की पत्नी कविता को आफिस में नहीं जाने दिया गया। शव को भी पोस्टमार्टम गृह ले जाने की तैयारी कर ली गई थी।
सुनील की हत्या की गई है। इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्हें मुआवजा भी नहीं दिया गया है। सुनील का 14 साल का बेटा शेखर है। अब उसको पालने वाला कोई नहीं है। उसे दो महीने का वेतन भी नहीं दिया गया था।
पुलिस की जांच में सहयोग करेंगे
उपकार प्रकाशन के सीईओ राहुल जैन ने कहा कि कर्मचारी की आत्महत्या बहुत दुखद घटना है। हमारी सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।