शहर में देवोत्थान को लेकर कपड़े की खरीदारी करतीं महिलाएं
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मैनपुरी। देवोत्थान एकादशी रविवार को जिलेभर में मनाई जाएगी। इस दिन धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही शादी समारोह की धूम रहेगी। जिलेभर में छह सौ से अधिक शादी एक दिन में होने का अनुमान है। जिले के सभी मैरिज होम, धर्मशाला फुल हैं। शनिवार को दिनभर बाजार में भीड़ रही। लोगों ने पूजा सामग्री के साथ ही वैवाहिक कार्यक्रमों से जुड़ी खरीदारी की। करीब छह करोड़ रुपये का कारोबार दो दिन में होने की संभावना जताई गई है। देव उठान एकादशी को लेकर मान्यता है कि इस दिन जो भी लोग मंगलकार्य करते हैं वो फलदायी होते हैं। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि देवशयनी एकादशी को देव सो जाते हैं, वह देव उठनी एकादशी को जागते हैं। ऐसे में देवोत्थान एकादशी के दिन से ही सहालग की फिर शुरुआत होती है।
दिवाली के बाद से ही लोग देव उठान एकादशी की तैयारी कर रहे थे। इस दिन होने वाले सलाह के लिए लोग पहले ही खरीदारी कर चुके हैं। हालांकि शुक्रवार और शनिवार को बाजारों में खूब भीड़ रही। सराफा से लेकर कपड़ा की दुकानों पर भीड़भाड़ रही। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रामबाबू वर्मा ने बताया कि देव उठान की खरीदारी को दिवाली से पहले ही शुरू हो गई थी। दो दिन में दो करोड़ का सराफा बाजार जिले में हुआ है। अन्य बाजार एसोसिएशन के अनुसार डेढ़ करोड़ रुपये का कपड़ा और पचास लाख रुपये के बर्तनों की बिक्री होने का अनुमान है। इसके साथ ही एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार इलेक्ट्रानिक और फर्नीचर का हुआ है। करीब एक करोड़ रुपये के आसपास ऑटोमोबाइल बाजार में कारोबार होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूजा सामग्री, सिंघाड़ा और गन्ना की भी खूब बिक्री हुई।
एकादशी को भगवान विष्णु के रूप शालिग्राम एवं विष्णुप्रिया तुलसी के विवाह की परंपरा भी है। शास्त्रों के अनुसार तुलसी-शालिग्राम विवाह कराने से पुण्य की प्राप्ति होती है। दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है। कार्तिक मास में तुलसी रुपी दान से बढ़कर कोई दान नहीं हैं। पृथ्वी लोक में देवी तुलसी आठ नामों वृंदावनी, वृंदा, विश्वपूजिता, विश्वपावनी, पुष्पसारा, नंदिनी, कृष्णजीवनी और तुलसी नाम से प्रसिद्ध हुईं हैं।