शारदीय नवरात्र कल यानि 15 अक्तूबर से शुरू हो रहे हैं। ऐसे में घर-घर मां दुर्गा की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। यदि आप भी अपने घर देवी मां की मूर्ति ला रहे हैं, तो आपके हम बताते हैं ऐसी मूर्तियों के बारे में जो बेहद खास हैं। ये मूर्तियां रद्दी से तैयार की जा रही हैं।
मिट्टी और पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) की मूर्तियां तो बहुत बनती हैं, लेकिन रद्दी से बनी मूर्तियां आपने कम ही देखी होंगी। शारदीय नवरात्र के लिए छिली ईंट रोड पर रद्दी कागजों से मां दुर्गा की मूर्तियां बनाई जा रहीं हैं। इनकी यूपी के हर जिले में मांग है।
विज्ञापन
छिली ईंट रोड निवासी पद्मचंद बताते हैं तीन पीढि़यों से वह मूर्तियां बना रहे हैं। प्रिंटिंग हाउस से रद्दी कागज किलो के हिसाब से खरीद लेते हैं। अरारोट से गोंद तैयार मूर्तियां बनाते हैं। मूर्तियों में सिर्फ माता रानी का मुंह और पंजा ही मिट्टी का होता है। बाकी सब रद्दी के कागजों से तैयार किया जाता है। हमारे पास 100 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक की मूर्तियां हैं।
पूरी बस्ती कर रही काम
कारीगर क्रिश बताते हैं कि छिली ईंट रोड पर रहने वाले लगभग सभी मूर्तिकार रद्दी के कागजों से भगवान की मूर्तियां तैयार करते आ रहे हैं। पूरी बस्ती ही इस काम से अपना घर चला रही है।
एंग्लो बंगाली में स्थापित की जाएंगी 12 फुट ऊंची प्रतिमा
शहर में कई स्थानों पर सार्वजनिक देवी स्थापना की जाएगी। बंगाली समाज द्वारा एंग्लो बंगाली स्कूल में 12 फुट ऊंची देवी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। नामनेर में कोलकाता के कारीगरों ने 10 क्विंटल की मूर्ति को तैयार किया है। एक महीने से लगातार मूर्तियों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। मूर्तिकार आकाश बताते हैं कि हमने देवी की 115 मूर्तियां तैयार की हैं। मूर्तियों की शुरुआती कीमत 4 हजार रुपये है। इन मूर्तियों की खासियत है कि ये पूरी तरह ईको फ्रेंडली हैं। सबसे महंगी मूर्ति की कीमत करीब 1.50 लाख रुपये है।