आगरा के केमिकल कारोबारी दिलीप गुप्ता घर में सुरक्षा का पूरा ख्याल रखते थे। दुकान पर जाते समय गेट पर बाहर से ताला लगाकर जाते थे। पत्नी घर में अकेली रहती थीं। वह दूसरी मंजिल से ही लोगों से बात करती थीं। रस्सी में थैला बांधकर सब्जी आदि खरीदती थीं। कैमरों से गेट पर आने वाले की गतिविधि पर नजर रखती थीं। नौकर को इस बारे में पहले से पता था। इसलिए उसने गेट खुलवाया और वारदात को अंजाम दिया।
पड़ोसियों ने बताया कि दिलीप गुप्ता किसी अनजान व्यक्ति को घर के अंदर नहीं आने देते थे। मुख्य गेट के पास ही बेसमेंट है। यहां माल रखा रहता है। माल की डिलीवरी वाहन से होती थी। कुछ देर के लिए गेट खुलता था। घर के अंदर वह ताला लगाकर रखते थे। दुकान जाते समय गेट पर ताला लगा देते थे।
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आईसीयू में भर्ती लता पूछती रहीं पति कैसे हैं
लता गुप्ता आईसीयू में भर्ती हैं। अस्पताल में बेटा सुमित पहुंचा तो उन्होंने बेटे को देखते ही पूछा तुम्हारे पिता कहां हैं, कैसे हैं। उन्हें पति की मौत के बारे में नहीं बताया गया। कहा गया कि जल्दी मिलवा देंगे। पहले आप अपनी तबीयत सही कर लो।
मां ने बड़े बेटे को फोन करके बुलाया
सुमित ने बताया कि वह सिकंदरा में थे। तभी मां की कॉल आई। कहा कि बेटा घर में बदमाश आ गए हैं। जल्दी आ जाओ। उस समय सुमित का भाई रजत दुकान पर था। इसलिए सुमित जल्दी पहुंच गए।
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छटपटाते रहे दिलीप, चली गई जान
बदमाशों ने दिलीप के सिर में ईंट से कई प्रहार किए थे। घटनास्थल पर काफी मात्रा में खून पड़ा मिला। इससे आशंका है कि वह काफी देर तक छटपटाते रहे और उनकी जान चली गई।