फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दवा फैक्टरी में छापेमारी: कहीं धूल जमी तो किसी डिब्बे से एक्सपाइरी डेट मिटी, स्थिति देख एसीपी भी रह गए दंग

Thu, 13 Jul 2023 10:09 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में सिरप बनाने की फैक्टरी में पुलिस टीम ने छापेमारी की। इस दौरान कहीं धूल जमी तो किसी डिब्बे से एक्सपाइरी डेट मिटी मिली। स्थिति देख एसीपी भी दंग रह गए। 
विज्ञापन
दवा फैक्टरी में छापेमारी: कहीं धूल जमी तो किसी डिब्बे से एक्सपाइरी डेट मिटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में औद्योगिक क्षेत्र में कच्चे रास्ते पर तीन दुकानों के बराबर से तीन फुट की गली। अंदर लोहे के दरवाजे पर दवाओं के कार्टून से घिरा दस फुट का ऑफिस। कमरे में पैकिंग सहित मिश्रण और सिरप भरने की मशीन के साथ रैक में रखे विटामिन के डिब्बे।

विज्ञापन


किसी पर धूल जमी थी तो किसी से एक्सपायरी मिटी हुई थी। कहीं खाली शीशियां तो कहीं चीनी-बूरे के कट्टे। यह हाल अवैध फैक्टरी में जब एसीपी हरीपर्वत मयंत तिवारी ने देखा तो वो भी दंग रह गए। संचालक से एक ही बात बोले कि इतनी गंदगी में दवा बनाकर जान लोगे क्या।

यह भी पढ़ेंः- आगरा में दनादन वारदात: नेशनल हाईवे पर ढाई घंटे में दो डकैती और एक लूट, बदमाशों में पुलिस का नहीं खौफ

विज्ञापन

मनीष गुप्ता जिस परिसर में फैक्टरी चला रहा था, वो पूरी तरह से लोगों की नजरों से छिपाया गया था। मुख्य सड़क से तकरीबन 50 मीटर अंदर एक कमरा गली के अंदर बना हुआ था। आगे दुकान बनी हैं। एक में दोने तैयार किए जा रहे थे। इनके बगल से फैक्टरी का रास्ता था। फैक्टरी के पिछले हिस्से में गेट बना हुआ था। इसकी तरफ पांच परिवार किराये पर रहते हैं, जहां पर उपले थापे जा रहे थे। गाय भी बंधी हुई थीं। पानी भी भरा हुआ था। चारों तरफ बारिश की वजह से कीचड़ का आलम था।

जिन रैक में मल्टी विटामिन के सिरप रखे हुए थे, उनकी सफाई शायद ही कभी हुई होगी। जो मशीन केमिकल मिश्रण और भरने के लिए लगी थीं, उनकी भी सफाई का इंतजाम नहीं था। एसीपी ने विटामिन पाउडर को उठाया। किसी पाउडर में नमी थी तो किसी में एक्सपायरी मिटी थी। डिब्बे भी पुराने थे। मनीष गुप्ता ने बताया कि वह इन्हीं विटामिन की मदद से सिरप तैयार करता है। जिस आरओ को पानी के लिए लगाया था, वो भी काफी पुराना था।

यह भी पढ़ेंः- उपलब्धि पर गांव को गर्व: पेरिस की बेस्टाइल परेड में राफेल उड़ाएगा मैनपुरी का बेटा, पीएम मोदी भी होंगे शामिल

 

एक डिब्बे में पुलिस को तरल पदार्थ मिला। वह भी रखा हुआ था। उसके बारे में कहा कि फेंकने के लिए रखा है। जिन कट्टों में चीनी और बूरा रखा हुआ था, उसमें चींटी लगीं थीं। उन्हें भी सुरक्षित स्थान पर रखने का कोई इंतजाम नहीं था। एसीपी ने बताया कि सफाई का कहीं इंतजाम नहीं है। खराब दवाओं के निस्तारण की भी व्यवस्था नहीं थी।

पांच दिन बाद भी विजय गोयल नहीं आया हाथ

शनिवार को बिचपुरी और सिकंदरा में दो अवैध दवा फैक्टरी पुलिस ने पकड़ी थीं। सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। सरगना विजय गोयल पांच दिन बाद भी हाथ नहीं आ सका है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ अन्य टीम पड़ताल में जुटी हैं। सरगना की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। 

यह भी पढ़ेंः- ज्योति मौर्य जैसा मामला: पत्नी को दिन-रात मेहनत कर पढ़ाया, बोली- तेरी मेरी बराबरी नहीं; डॉक्टर पर आया दिल

 
विज्ञापन

सूत्रों ने बताया कि विजय गोयल दवाओं को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से मंगवाता था। उसके संपर्क के कई लोग दोनों राज्यों में हैं। ऐसे में एक-एक टीम को इन दोनों राज्यों में भेजा गया है। इसके अलावा आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, दिल्ली एनसीआर में भी टीम तलाश में लगी हैं।

यह भी पढ़ेंः- ज्योति मौर्य जैसी मैं नहीं: डॉक्टर से प्रेम-प्रसंग के आरोप पर बोली अर्चना, पति ने क्यों रची साजिश; किया खुलासा

स्थानीय स्तर पर पुलिस को मिल रही सूचनाएं

आगरा जोन के आठ जिलों के टॉप-10 दवा के धंधेबाज एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के रडार पर हैं। पिछले पांच साल में कितने आरोपी जेल गए, वह वर्तमान में क्या कर रहे हैं, इस सबकी जानकारी जुटाई जा रही है। बिचपुरी और सिकंदरा में अवैध दवा फैक्टरी पकड़े जाने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस को सूचनाएं मिल रही हैं। कोई घर में दवा तैयार कर रहा है तो कोई दुकान में। घर ऐसे इलाकों में हैं, जहां पर कम लोग रहते हैं। दुकान भी शहर से बाहर हैं। इस कारण लोगों की पहुंच कम हैं। मगर, पुलिस को गोपनीय जानकारी मिल रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें