मैनपुरी। यूपीएचएसएसपी से कार्यरत संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने बुधवार को सीएमएस से मुलाकात की। सीएमएस को बताया कि वे लोग बृहस्पतिवार से कार्य बहिष्कार पर जा रहे हैं। आक्रोशित कर्मचारी बुधवार को ही लौट गए। बुधवार को अवकाश होने के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं अधिक प्रभावित नहीं हुईं, लेकिन बृहस्पतिवार से प्रभावित रहेंगी।
46 संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाएं 31 दिसंबर को ही समाप्त कर दी थीं। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिया था कि जो नई नियुक्तियां होने जा रही हैं उनमें उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। मंगलवार को सेवा से निकाले गए सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने 16 जनवरी से कार्य पर न आने की चेतावनी दी थी। बुधवार की सुबह जब कर्मचारी अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि अस्पताल प्रशासन उनकी जगह पर अपने ही वार्ड ब्वॉय से कार्य कराने की तैयारी में जुट गया है। जिसके बाद कर्मी काम से लौट गए। उनके हटते ही सीएमएस ने वॉर्ड में तैनात कर्मचारियों में से तीन को इमरजेंसी की जिम्मेदारी सौंप दी। वहीं जेनरेटिक वॉर्ड में तैनात कर्मचारियों को वहां की व्यवस्था के साथ ही इमरजेंसी की व्यवस्था भी संभालने के निर्देश दिए। कर्मचारियों के काम से जाने के कारण इमरजेंसी सेवा के साथ ही, पैथॉलॉजी, एक्सरे विभाग, जेनरेटिक वार्ड, मरीज भर्ती वॉर्ड में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 30 स्टाफ नर्स के साथ ही तीन लैब टेक्नीशियन, तीन ही ओटी टेक्नीशियन, चार पैथॉलॉजिस्ट, पांच वार्ड आया, वॉर्ड ब्वॉय, एक फीजियोथेरेपिस्ट शामिल रहे। बुधवार को अवकाश था। बृहस्पतिवार को जब अस्पताल खुलेगा तो मरीजों को संभाल पाना नियमित कर्मचारियों के लिए आसान नहीं होगा। क्योंकि मरहम पट्टी से लेकर, इंजेक्शन लगाने तक की व्यवस्था संविदा कर्मचारी ही संभालते थे।
जेम पोर्टल से कर्मचारियों की नियुक्ति की कार्रवाई चल रही है। जब तक नए कर्मचारी नहीं मिलते हैं तब तक उपलब्ध स्टाफ से ही व्यवस्थाएं सुचारु रखी जाएंगी। किसी भी विभाग को बंद नहीं किया गया है। एक साथ 46 कर्मचारी जाने से दिक्कत तो उठानी ही पड़ रही है।
डॉ. आरके सागर सीएमएस