आगरा। आरओ वाटर प्लांट से पानी की बर्बादी रुकेगी। अभी 40% पानी फिल्टर होता है जिसे 95% तक किया जाएगा। 60% तक होने वाली पानी की बर्बादी को घटाकर 5% पर लाया जाएगा। यह निर्णय बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट व आरओ प्लांट एसोसिएशन की बैठक में हुआ है। वेस्ट वाटर को नालियों में बहाने और भूजल रिचार्जिंग में इस्तेमाल करने की जगह उसे दोबारा फिल्टर कर पीने लायक बनाने पर सहमति बन गई है।
शहर में 2000 से अधिक आरओ वाटर प्लांट हैं। रोज 20 लीटर क्षमता की करीब तीन लाख बोतल की सप्लाई है। उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम 2019 लागू होने के बाद बिना पंजीकरण व मानक पूर्ण किए आरओ प्लांट संचालन पर रोक है। भूगर्भ जल प्रबंधन टास्क फोर्स ऐसे प्लांट को बंद करने की चेतावनी जारी कर चुकी है। जिसके बाद आरओ प्लांट की छंटनी शुरू हो गई है। सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार ने बताया कि सिर्फ वहीं प्लांट चलेंगे जो मानकों को पूरा करेंगे। प्रदूषण व संबंधित विभागों अनापत्तियां लेकर प्लांट संचालकों को पंजीकरण कराना होगा। आरओ प्लांट से निकलने वाले वेस्ट वाटर को नालियों व खुले स्थान पर नहीं बहाया जाएगा। न वेस्ट वाटर का भूजल रिचार्ज में इस्तेमाल होगा। सबमर्सिबल से जितना पानी आरओ प्लांट के लिए जमीन से निकाला जाएगा उसका 95% इस्तेमाल करना होगा।
ट्रिपल फिल्टर से होगा साफ
आरओ वाटर प्लांट एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र कुलश्रेष्ठ ने बताया कि वेस्ट वाटर को दोबारा पीने लायक बनाने के लिए तीन फिल्टर का इस्तेमाल होगा। फिल्टर जल्दी-जल्दी बदलने पड़ेंगे। प्लांट का खर्चा बढ़ेगा। धीरे धीरे 60% से घटकर वेस्ट वॉटर 5% रह जाएगा।
और बढ़ सकती हैं कीमतें
वेस्ट वाटर को दोबारा फि ल्टर करने से आरओ प्लांट संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। जिसके कारण कीमतों में और इजाफा हो सकता है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद प्लांट संचालकों ने 20 लीटर की बोतल पर अभी पांच रुपये बढ़ाए हैं। 20 लीटर की सादा आरओ के पानी की बोतल 10 रुपये में होम डिलीवरी होती थी जो अब 15 रुपये में हो रही है। जिस खाली बोतल को प्लांट पर पांच रुपये में भरा जाता था उसे अब 10 रुपये में भरा जा रहा है।
कीमतों पर करेंगे नियंत्रण
कीमतों को नियंत्रित किया जाएगा। आरओ संचालकों के साथ बैठक कर कीमतों पर निर्णय लेंगे। वेस्ट वाटर को रीयूज करने के निर्देश दिए हैं। - अंजनी कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
नहीं रुकी पानी की फिजूल बर्बादी
मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने 15 ब्लॉक के 690 गांव में सबमर्सिबल पंप से पानी की फिजूल बर्बादी रोकने के लिए संचालकों के विरुद्ध एफआईआर के आदेश दिए हैं। शहर में सबमर्सिबल से फिजूल पानी की बर्बादी नहीं रुक रही। भूगर्भ जल विभाग की सहायक भू-भौतिकविद नम्रता जायसवाल ने अपील की है कि शहर में कहीं भी सबमर्सिबल से पानी का दुरुपयोग होने पर स्थानीय लोग पुलिस को सूचित करें। पानी का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। सबमर्सिबल पंप सील किया जाएगा।