फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: ममेरी बहन का बदला लेना था...इसलिए दी एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी, इरादा कुछ और था; सच जान अधिकारी भी हैरान

Thu, 01 Aug 2024 10:51 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

ममेरी बहन को एक युवक परेशान करता था। गोपेश चाहता था कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर दे। यही वजह थी कि उसने एयरपोर्ट के बम से उड़ाने की धमकी दे डाली। 
 
विज्ञापन
आरोपी गोपेश - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में डीजी कंट्रोल पर ईमेल कर आगरा एयरपोर्ट और कैंट रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने का आरोपी बालिग निकला। उसने अपनी ममेरी बहन को सोशल साइट्स के माध्यम से परेशान करने वाले युवक का यूपी पुलिस से एनकाउंटर कराने के लिए साजिश की थी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा होने के कारण धमकी दे डाली। यूट्यूब से तरीका भी सीखा। मगर, पुलिस से ही बच नहीं सका। ईमेल के लिए अपने मोबाइल का इंटरनेट प्रयोग करने के कारण पकड़ा गया।



 

डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि आरोपी गोपेश धौलपुर के पुष्पांजलि विहार का रहने वाला है। पुलिस उसके घर पहुंची थी। परिजन कहने लगे कि बेटा नाबालिग है। मोबाइल पर देखकर गलती कर बैठा होगा। पुलिस ने उसे थाना शाहगंज लाकर पूछताछ की। परिजन उसे 17 साल का बता रहे थे। जांच में वह 21 साल का निकला। दसवीं पास नहीं की थी। वह फेल हो गया। इस पर सख्ती से पूछताछ की गई। उसने सारा सच उगल दिया।

 

राजस्थान पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
गोपेश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसकी ममेरी बहन है। उसे मोहल्ले का अमित नामक युवक परेशान कर रहा है। उसे सोशल साइट के माध्यम से मैसेज भेजता रहता है। बहन ने उसे बताया। इस पर युवक से पहले बातचीत करके समझाने का प्रयास किया। मगर, वो मानने को तैयार नहीं हुआ। इस पर पुलिस से मौखिक शिकायत की। थाना पुलिस ने भी सुनवाई नहीं की। इस पर उसे लगा कि यूपी पुलिस ही कार्रवाई कर सकती है। हालांकि वह खुद नहीं फंसना चाहता था।
 

यूट्यूब से सीखा तरीका
गोपेश ने यूट्यूब से तरीखा खोजा। कई वीडियो भी देखे। इसमें धमकी भरे वीडियो मिले, जिनमें एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उसने पुलिस से बचने के उपाय बताने वाले वीडियो भी देखे। इस पर उसे तरीका मिल गया। उसने अपने दोस्त के माध्यम से अमित का मोबाइल चुरा लिया। उसके सिम का प्रयोग कर फर्जी ईमेल आईडी मुस्लिम युवक के नाम से बनाई। इसके बाद सिम तोड़ दिया। मगर, ईमेल करने के लिए इंटरनेट की जरूरत थी। इसके लिए अपने इंटरनेट का प्रयोग किया। बस इसी चूक से वह सलाखों के पीछे पहुंच गया।



 

पहले हिमाचल पुलिस को किया ईमेल
गोपेश ने पहले हिमाचल प्रदेश पुलिस को ईमेल किया था। मगर, वहां की पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जवाब दे दिया गया कि यह मामला उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ है। इसलिए वहां पर शिकायत करें। इसलिए उसने डीजी कंट्रोल की आईडी गूगल से लेने के बाद ईमेल कर दिया।


 
विज्ञापन

योगी सरकार पर भरोसा है
30 जुलाई को डीजी कंट्रोल पर ईमेल से धमकी दी गई थी। इसमें 3 अगस्त को एयरपार्ट और आगरा कैंट स्टेशन पर 50 किलोग्राम आरडीएक्स रखकर उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद टीम सकिक्रय हो गई। थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने ईमेल करने वाले की तलाश की। इसके बाद धौलपुर के गोपेश को पकड़ा गया। पुलिस ने उससे पूछा कि वह राजस्थान में रहता है। मगर, ईमेल यूपी में क्यों किया। इस पर उसने कहा कि उसे योगी आदित्यनाथ की सरकार में भरोसा था। उसने सुन रखा था कि यूपी पुलिस अपराधियों के एनकाउंटर कर देती है। इसलिए उसे लगा कि जब वह धमकी भरा ईमेल करेगा तो पुलिस तलाश में जुट जाएगी। बहन को परेशान करने वाले को पकड़ लेगी। उसका एनकाउंटर कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें