बेवर। शहीद स्मृति मेले में मंगलवार को सेवानिवृत्त शिक्षक और वृद्धजनों का सम्मान किया गया। शिक्षक रामौतार दीक्षित ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षक राष्ट्र की धरोहर हैं। भौतिक रूप से भले ही शिक्षक ने अपनी सेवाओं से अवकाश ले लिया हो, लेकिन हकीकत यह है कि शिक्षक कभी अवकाश प्राप्त नहीं करता।
डॉ. उदय शर्मा ने कहा कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान होना सभ्य समाज की स्थिति को दर्शाता है। जहां बुजुर्गों का सम्मान नहीं होता वहां नैतिक मूल्यों का पतन होता है। वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि अवकाश प्राप्त शिक्षक का मन हमेशा शिक्षा देने के लिए आतुर रहता है। आज भी नगर में कई अवकाश प्राप्त अध्यापक बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं। डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। चेयरमैन सुनीति भाटिया और उनके प्रतिनिधि सरितकान्त भाटिया ने अवकाश प्राप्त शिक्षकों का सम्मान किया।
इस मौके पर अधिशासी अधिकारी दुर्गेश कुमार, कैलाश चंद्र आर्य, वीरेंद्र सिंह चौहान, लक्ष्मण गुप्ता आदि मौजूद रहे। संचालन केपी सिंह भदौरिया ने किया।