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दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद की सजा

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दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद की सजा
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एक साल पहले बालिका से किया था दुष्कर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। बेवर थाना क्षेत्र में एक साल पहले बालिका से दुष्कर्म के दोषी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बेवर क्षेत्र के एक मोहल्ले की छह साल की बालिका से पांच फरवरी 2021 की रात को मुंहबोले चाचा नन्हेबाबू के साथ सो रही थी। नशे की हालत में मुंहबोले चाचा नन्हेबाबू ने बालिका से दुष्कर्म किया। चीख सुनकर पास में सो रहे माता-पिता जागे तो मुंहबोला चाचा भाग गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने छह फरवरी को केस दर्ज किया और मेडिकल कराकर नन्हेबाबू को जेल भेज दिया। गवाही के आधार पर नन्हेबाबू को दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप यादव और विश्वजीत राठौर ने दुष्कर्मी को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एडीजीसी अनूप यादव ने बताया कि स्पेशल जज पूनम ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की रकम 50 हजार रुपये पीड़ित को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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बालिका की गवाही पर हुई सजा
पीड़ित बालिका ने अदालत में आरेापी नन्हेबाबू की पहचान की। उसने गवाही में बताया कि जब वह रात में अपने मुंहबोले चाचा नन्हेबाबू के साथ सो रही थी। रात में चाचा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। जब वह चीखी तो चाचा वहां से भाग गए।
शासन से दिलाएं मुआवजा
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने आदेश में लिखा है कि पीड़ित बालिका है। उसको मुआवजे के रूप में दिए जाने वाले 50 हजार रुपये पर्याप्त नहीं हैं। पीड़िता को डीएम व विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पर्याप्त मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
बालिका की गवाही पर हुई सजा
पीड़ित बालिका ने अदालत में आरेापी नन्हेबाबू की पहचान की। उसने गवाही में बताया कि जब वह रात में अपने मुंहबोले चाचा नन्हेबाबू के साथ सो रही थी। रात में चाचा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। जब वह चीखी तो चाचा वहां से भाग गए। इस मामले में शुक्रवार को दोषसिद्ध होने पर कथित चाचा को कोर्ट ने आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
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शासन से दिलाएं मुआवजा
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने आदेश में लिखा है कि पीड़ित बालिका है। उसको मुआवजे के रूप में दिए जाने वाले 50 हजार रुपये पर्याप्त नहीं हैं। पीड़िता को डीएम व विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पर्याप्त मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
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