दोनों सहेलियों में बचपन से दोस्ती थी
पिता ने बताया कि नगला अजिता गांव निवासी राघवेंद्र की बेटी कृतिका भी उसके साथ पढ़ती थी। दोनों में बचपन से दोस्ती थी। दोनों अक्सर एक-दूसरे के घर आती जाती थी। उसकी बेटी भी राघवेंद्र के घर जाती थी। इस दौरान उसकी बातचीत सहेली के पिता राघवेंद्र से भी होती थी। इसके बाद राघवेंद्र उसे किसी न किसी बहाने से फोन करने लगा।
घर आकर करता था गलत हरकतें
बताया कि राघवेंद्र बेटी पर चैटिंग करने और फोन पर बात करने का दबाव बनाने लगा। जब हम लोग काम करने घर से बाहर चला जाते थे तो राघवेंद्र किसी न किसी बहाने से घर आ जाता था। घर में वह बेटी के साथ गलत हरकतें करता था। उसे आते-जाते गांव वालों ने देखा तो हम लोगों को बताया।
आए दिन परेशान करता था राघवेंद्र
पिता ने बताया कि जानकारी होने पर हमने बेटी से पूछा तो वह फफककर रोने लगी और पूरी बात बताई। बताया कि राघवेंद्र उसे आए दिन परेशान करता है। उसके साथ गलत काम करता है। बताया कि रविवार को हम और पत्नी खेत पर काम पर गए थे। इसी समय पड़ोसी महेश का बेटा भागते हुए पहुंचा और बेटी के आत्महत्या करने की बात बताई।
छत की कुंडी पर फंदे से लटक रहा था शव
इसके बाद हम लोग भागते हुए घर पहुंचे तो बेटी का शव कमरे में छत की कुंडी पर फंदे से लटक रहा था। तब तक खबर फैलते ही गांव के लोगों की भीड़ लग गई थी। घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा बढ़ा दी है।