इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल से पूर्व व्यवस्था परखते इंजीनियर
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कासगंज। कासगंज-बरेली के बीच अब इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के संचालन में रुकावट नहीं आएगी। बदायूं टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) से कासगंज-बरेली ट्रैक को आपूर्ति मिल गई है। बुधवार को इस ट्रैक पर ट्रायल किया गया। ट्रायल पूरी तरह सफल रहा।
कासगंज-बरेली ट्रैक पर वैसे तो काफी समय से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया, लेकिन सीमित संख्या में ही ट्रेेंने चलाई जा रहीं थीं। क्योंकि कासगंज और बरेली ट्रैक पर कासगंज जंक्शन के टीएसएस से आपूर्ति दी जा रही थी। यह टीएसएस ओवरलोड हो रहा था। जिससे दबाव बना हुआ था और ट्रेनों का संचालन सीमित संख्या में हो पा रहा था। इस ट्रैक के लिए बदायूं में टीएसएस बनाया गया। इस टीएसएस से सिर्फ कासगंज-बरेली ट्रैक को ही आपूर्ति मिलेगी।
बुधवार को इस टीएसएस से ट्रैक को आपूर्ति दी गई। इसका लोड चेक किया गया। ट्रैक पर चलने वाली पांच जोड़ी ट्रेनें बुधवार को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई गईं। पाया गया कि यह टीएसएस ओवरलोड नहीं हुआ और यह भी स्पष्ट हुआ कि पूरी क्षमता के साथ इस टीएसएस से कासगंज-बरेली ट्रैक पर मालगाड़ी और ट्रेनें दौड़ाई जा सकती हैं। टीएसएस के सफल ट्रायल से अब इस ट्रैक पर सुहाना सफर हो सकेगा और कासगंज का टीएसएस ओवरलोड नहीं हो सकेगा।
कासगंज-बरेली ट्रैक पर बदायूं टीएसएस से आपूर्ति शुरू की गई है। ट्रायल सफल हो गया है। अब पूरी क्षमता के साथ इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें दौड़ाई जा सकेंगी। -कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, प्रबधंक, आरवीएनएल।