फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: राधास्वामी सत्संग सभा ने पोइया घाट पर बैकुंठ धाम का बोर्ड लगा की बैरिकेडिंग, लोग बोले-जमीन कब्जा की नियत

Mon, 24 Apr 2023 11:15 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में राधास्वामी सत्संग सभा ने यमुना की तलहटी पर स्थित पोइया घाट में बैकुंठ धाम का बोर्ड लगा दिया। साथ ही बैरिकेडिंग करा दी। आसपास रहने वाले ग्रामीण बोले कि जमीन कब्जा की नियत से यह सब किया जा रहा है।  
विज्ञापन
पोईया घाट पर लगा बैकुंठ धाम का बोर्ड, बना अस्थाई कक्ष - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में दयालबाग की राधा स्वामी सत्संग सभा ने पोइया घाट पर यमुना डूब क्षेत्र में बैकुंठ धाम बोर्ड व बैरिकेडिंग की है। इस मामले की जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने जांच के आदेश दिए हैं। सोमवार शाम को राजस्व टीम मौका-मुआयना के लिए पहुंची। रिपोर्ट एसडीएम के माध्यम से डीएम को भेजी जाएगी।

विज्ञापन


यमुना के पोइया घाट पर एक मोक्षधाम बना हुआ है। पिछले 10 से 12 दिनों से मोक्षधाम की विपरीत दिशा में नदी की तलहटी में राधा स्वामी सत्संग सभा ने बैकुंठ धाम का बोर्ड लगा दिया है। यहां प्रतिदिन सुबह-शाम सैकड़ों सत्संगी कार सेवा के लिए पहुंच रहे हैं। सिकंदरपुर, ख्वासपुर और मनोहरपुर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि सत्संग सभा डूब क्षेत्र में कब्जा करना चाहती है। अभी बोर्ड लगाया है। यहां धीरे-धीरे लोगों की आवाजाही बंद कर दी जाएगी। 

इस पर सत्संग सभा के मीडिया प्रभारी एसके नैय्यर कहना है कि कब्जे की बात निराधार है। डूब क्षेत्र की सफाई कराई जा रही है। यहां हरियाली विकसित की जाएगी। बच्चों के खेलने के लिए स्थान बनाया जा रहा है। डीएम नवनीत सिंह चहल का कहना है कि डूब क्षेत्र में कोई निर्माण नहीं हो सकता। एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है। तहसीलदार रजनीश वाजपेयी का कहना है कि एक टीम भेजकर मौका-मुआयना कराया है।

प्राइवेट वोट से गश्त

सत्संग सभा ने पोइया घाट पर यमुना में चलाने के लिए मोटर वोट खरीदी है। इस प्राइवेट मोटर वोट से नदी पार कर सत्संगी कार सेवा के लिए जाते हैं। नदी में गश्त हो रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डूब क्षेत्र में गतिविधियों की जांच कराई जा रही है।

डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों की बाढ़

दयालबाग में यमुना डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण धड़ल्ले से हुए है। 2010 में यहां बाढ़ आई थी। जिसके बाद डूब क्षेत्र में अवैध कब्जे शुरू हुए। 250 से अधिक मकान, दुकान व निर्माण हो गए। एनजीटी के आदेश पर एडीए ने डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण ध्वस्त किए। फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें