उत्तर प्रदेश के आगरा में विश्व साकार हरि उर्फ भोले बाबा में आस्था से राजकीय इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक नारायण सिंह (70) के घर कलह हो गई। दंपती में विवाद इतना बढ़ा कि पत्नी ने भोले बाबा को ही पति परमेश्वर मान लिया। इससे शिक्षक की हालत बिगड़ गई और अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
नालंदा टाउन निवासी नारायण सिंह ने बताया कि उनका विवाह 1977 में हुआ था। एक बेटा और चार बेटियां हैं, सभी का विवाह हो गया है। बेटा नोएडा रहात है। पत्नी 12 साल पहले महाकाली के मंदिर में दर्शन का बहाना बताकर केदार नगर स्थित कुटिया पर सत्संग में जाने लगी।
मैंने टोका तो कहा कि महाकाली मैया से मनौती मांगी है, जिसके लिए 7 मंगलवार दर्शन करने जाऊंगी। ये सिलसिला बंद नहीं हुआ। एक दिन पड़ोसी ने बताया कि भोले बाबा के सत्संग सुनने जाती हैं। मैंने विरोध करते हुए कहा कि ये पाखंड है और इससे किसी का भला नहीं होगा। यहां तक कि बेटे और मैंने भोले बाबा की तस्वीरों को भी घर से हटा दिया।
बेटे-बेटी के समझाने पर भी नहीं मानी। 3-4 महीने पहले विवाद अधिक बढ़ने पर उन्होंने मुझसे नाता तोड़ते हुए भोले बाबा को ही पति परमेश्वर मान लिया है। इससे तनाव में रहने लगा, हालत खराब होने पर 30 जून को शमसाबाद रोड स्थित अस्पताल में भर्ती भी हुआ। बेटा-बेटा सभी देखने आए, लेकिन पत्नी एक दिन भी देखने नहीं आई है।
भोले बाबा पर भरोसा, कुटिया पर मत्था टेकने आते अनुयायी
भोले बाबा में आस्था रखने वालों के लिए वे महामानव और दुख हरने वाले हैं। इसी भरोसे से केदार नगर स्थित कुटिया पर तड़के से ही अनुयायी मत्था टेकने पहुंचते हैं। इसमें आसपास के जिलों से भी अनुयायी आते हें। इनका यही कहना है कि बाबा पर आस्था में कोई कमी नहीं आई है। वे सबकुछ ठीक कर देंगे।
बाबा मानव कल्याण करने वाले
गढ़ी भदौरिया के रमेश चंद्र भी कुटिया पर मत्था टेकने पहुंचे। इन्होंने बताया कि वे कई सालों से भोले बाबा को मानते हैं। वे महामानव हैं और मानव जाति का कल्याण करने वाले हैं।
बाबा पर चमत्कारी शक्तियां
केदार नगर के सोवरन सिंह ने बताया कि बाबा में अटूट श्रद्धा है। इनके आशीर्वाद से ही भला हो रहा है। इनके नाममात्र से ही दुखों का नाश हो जाता है। उनमें चमत्कारी शक्तियां हैं।