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यूपी: कड़ी सुरक्षा में आगरा केंद्रीय कारागार लाए गए 13 और कश्मीरी बंदी, विशेष बैरक में इंतजाम, कोरोना टेस्ट कराया

Tue, 26 Oct 2021 12:03 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू-कश्मीर से बंदियों को आगरा लाया गया है। केंद्रीय कारागार में दाखिल होने से पहले उनकी तलाशी हुई। वहीं कोरोना टेस्ट भी कराया गया है। 
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केंद्रीय कारागार आगरा - फोटो : Self
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर से पीएसए में गिरफ्तार किए गए बंदियों को आगरा लाने का सिलसिला जारी है। सोमवार को भी 13 बंदी कड़ी सुरक्षा में केंद्रीय कारागार लाए गए। नए बंदियों के लिए एक और बैरक में इंतजाम किए गए हैं। इनका भी कोरोना टेस्ट कराया जाएगा।
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जम्मू कश्मीर से पीएसए के तहत गिरफ्तार किए 15 बंदियों को कुछ दिन पहले आगरा लाया गया था। इसके बाद 23 अक्तूबर को 38 बंदी विशेष विमान से लाए गए थे। खेरिया एयरपोर्ट से लेकर केंद्रीय कारागार तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। सोमवार रात को 13 बंदी और लाए गए। उनकी सघन तलाशी के बाद बैरक में रखा गया।
केंद्रीय कारागार के अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि 13 और बंदियों को लाने से अब जम्मू कश्मीर के बंदियों की संख्या 66 हो गई है। तीन बंदी पहले से बंद थे। इस तरह से जेल में 69 बंदी हो गए है। तीन बैरक में 66 बंदियों को रखा गया है। इन पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। जेल के बाहर भी सुरक्षा कड़ी गई है। वहीं नए बंदियों का भी कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। अभी पूर्व कराए गए टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई है। 
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सितंबर 2019 में भी भेजे गए थे बंदी
सितंबर 2019 में भी जम्मू कश्मीर से बंदियों को आगरा भेजा गया था। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां सक्रिय अलगाववादी लोगों को तत्कालीन सरकार ने गिरफ्तार किया था। 80 से अधिक बंदियों को भेजा गया था। इन सभी बंदियों को लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। तब भी सुरक्षा कड़ी की गई थी।

 
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टारगेट किलिंग की घटनाओं के बाद कार्रवाई
जम्मू कश्मीर की विभिन्न जेलों में बंद कुख्यात पत्थरबाज, ओवर ग्राउंड वर्कर और आतंकियों के मददगारों को अब प्रदेश के बाहर की जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। जिससे घाटी की शांति में खलल डालने वाले पाकिस्तानी हैंडलरों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। यह कार्रवाई हाल की टारगेट किलिंग की घटनाओं के मद्देनजर की गई हैं।

सुरक्षित जेलों में से एक आगरा की केंद्रीय जेल 
आगरा की जेल में जम्मू कश्मीर के बंदी ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अन्य जेलों में बंद बदमाश और आरोपियों को भेजा जाता है। इसकी पीछे सुरक्षा एक प्रमुख कारण है। यह जेल वर्ष 1982 में बनी थी। अब जेल में 1700 से अधिक सजायाफ्ता बंदी निरद्ध हैं। 
जेल में विशेष सुरक्षा बैरक भी है। इस बैरक में बंदी अलग-अलग रह सकते हैं। कुख्यातों और विशेष बंदियों को इस बैरक में रखा जाता है। जेल की मुख्य दीवार के बाद एक और दीवार बनाई गई है। बैरियर पर पुलिस तैनात रहती है। एक प्लाटून पीएसी हर समय रहती है।
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