ताजमहल के शहर में गंदगी, अतिक्रमण, जाम, लपका और अव्यवस्थाओं के दाग हैं। जब भी वीआईपी विजिट होती है तो यह दाग छिपाए जाते हैं। वीआईपी के लौटने के बाद सड़कों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, ऑटो स्टैंड से लेकर पर्यटकों से छीना झपटी का वही पुराना राग फिर शुरू हो जाता है। यानी चार दिन की चांदनी शहरियों के लिए फिर अंधेरी रात जैसी हो जाती है। एक बार फिर शहर में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगमन की तर्ज पर जी-20 देशों के प्रतिनिधियों के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर को सजाने, संवारने और सुंदर बनाने की कवायद चल रही है।
अतिक्रमण : जहां सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं उस ताजगंज में सबसे ज्यादा अतिक्रमण है। स्मारक की परिधि से 500 मीटर तक ट्रंप के आगमन पर अतिक्रमण हटाया गया था, जो ट्रंप के जाने के बाद फिर हो गया। जिसका खामियाजा पर्यटकों को भुगतना पड़ता है।
अवैध स्टैंड : सिकंदरा, भगवान टॉकीज, बोदला, रामबाग, शाहगंज ये इलाके हैं यहां होकर पर्यटक स्मारकों के भ्रमण के लिए जाते हैं। इन क्षेत्रों में सड़कों पर अतिक्रमण है। अवैध ऑटो स्टैंड हैं। अवैध पार्किंग बन गई हैं। जिन्हें हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन के पास ठोस योजना नहीं।
जाम : घने बाजार ही नहीं, जाम के जाम से एमजी रोड से लेकर हाईवे तक जूझता है। अबु उला कट पर हाईवे पर रोडवेज बसें खड़ी होती हैं। जिसके कारण जाम लगता है। लोहामंडी, ईदगाह, बिजलीघर और पुराने शहर को अराजक यातायात और जाम से निजात नहीं मिल सकी।
कचरा : स्मार्ट सिटी में सफाई का हाल किसी से छुपा नहीं। सड़क से लेकर गलियों तक गंदगी, कचरा और डलाबघर दिख जाएंगे। डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू होने के बाद भी शहर से गंदगी नहीं मिटी। कचरे में आवारा जानवर मुंह मारते हैं। इससे कचरा और फैलता है।
बढ़ाएंगे सख्ती
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि 'जिस तरह शहर को अब सुंदर और स्वच्छ बनाया जाएगा उसे बरकार भी रखेंगे। सभी विभागों की जिम्मेदारी तय होगी। व्यवस्थाएं बनीं रहीं।'