उत्तर प्रदेश के आगरा में रविवार को श्रीजगन्नाथ भगवान का प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया। स्नान पूर्णिमा के अवसर पर भगवान ने रश्मि नगर, कमला नगर में गजानन स्वरूप में दर्शन दिए। इस मौके पर विभिन्न तीर्थस्थलों से लाए गए जल, पंचगव्य, पंचामृत, फलों के रस से श्रीजगन्नाथ जी, उनकी बहन सुभद्रा व भाई बलराम का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महाभिषेक किया गया।
कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में भगवान जगन्नाथ का प्राकट्योत्सव अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) की ओर से महाभिषेक महोत्सव (स्नान यात्रा) के रूप में मनाया गया। महाभिषेक इस्कॉन, आगरा के अध्यक्ष अरविंद प्रभु, उड़ीसा के पंचतत्व प्रभु ने कराया। दिल्ली के श्रीनिकेत प्रभु ने कीर्तन किया। जोनल सचिव देवकीनंदन प्रभु, रीजनल सचिव वीपी परिव्राजक प्रभु, ललित माधव प्रभु भी मौजूद थे।
दोपहर को श्रीहरि को मंदिर से मृदंग व मंजीरों संग कीर्तन के साथ अभिषेक स्थल महाराजा अग्रसेन सेवा सदन, कमला नगर पर लाया गया, जहां मंगलाचरण व गीत गोविंद का भी आयोजन हुआ। 16 प्रकार के उपचार कर वैदिक मंत्रोच्चारण से भगवान का आह्वान किया गया। अंत में गजानन स्वरूप की महाआरती की गई। शैलेंद्र अग्रवाल, संजीव मित्तल, राहुल बंसल, कांता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, ओम प्रकाश अग्रवाल, विमल नयन फतेपुरिया, अखिल बंसल, रेणु मनचंदा आदि उपस्थित थे।
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महोत्सव के बाद से 18 जून तक श्रीहरि का चावल और रोटी का भोग नहीं लगेगा। मान्यता के अनुसार बीमार पड़े श्रीहरि को इन दिनों च्यवनप्राश, काढ़ा व अन्य औषधियां दी जाएंगी। भगवान जगन्नाथ 18 जून तक भक्तों को भी दर्शन नहीं देंगे। स्वस्थ होने के बाद 18 जून को नयन उत्सव में श्रीहरि बहन सुभद्रा व भाई बलराम के साथ भक्तों को दर्शन देंगे। 20 जून को बल्केश्वर स्थित महादेव मंदिर से रथयात्रा का आयोजन होगा।