कासगंज। जिले में बिजली का संकट बना हुआ है। इससे खेतीबाड़ी का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। एक दिन पूर्व भारतीय किसान यूनियन ने नगरिया क्षेत्र के विद्युत संकट को लेकर अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में तालाबंदी की, लेकिन यह संकट पूरे जिले में है।
सहावर थाना क्षेत्र के म्यांसुर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की रात्रि को 11 बजे बिजली आई और 2 घंटे बाद चली गई। गंजडुंडवारा में 14-15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। फॉल्ट और ट्रिपिंग के कारण सप्लाई बंद रहती है। गंजडुंडवारा के प्रेमवीर सिंह चौहान का कहना है कि बिजली कटौती का असर खेतीबाड़ी के कार्यों पर पड़ रहा है। नलकूप की समर नहीं चल पाती। किसानों को डीजल इंजन का प्रयोग सिंचाई के लिए करना पड़ रहा है। अमांपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में बिजली की कटौती से लोग गर्मी में बेहद परेशान हैं। भाऊपुर के प्रेमपाल का कहना है कि ढाई बजे से बिजली कटौती से पांच बजे तक होती है। बताया गया कि खेतों में इस समय मक्का, मूंगफली, चारा की फसलें खड़ी हैं, लेकिन बिजली न आने से किसान डीजल पंपसेट से सिंचाई करने को मजबूर हैं।
तीर्थनगरी व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती का समय बढ़ा
कासगंज। तीर्थनगरी सोरोंजी एवं तीर्थनगरी के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग विद्युत विभाग की मनमानी से परेशान हैं। बिजली कटौती बढ़ने से गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तीर्थनगरी में दो घंटे सुबह, तीन घंटे दोपहर व तीन घंटे रात्रि के समय कटौती हो रही है। इसके अलावा लोकल फॉल्ट, ओवरलोड ट्रिपिंग की समस्या अतिरिक्त है। लो वोल्टेज की समस्या का भी समाधान नहीं हो पा रहा। नगरिया क्षेत्र में भी 10 घंटे बिजली की कटौती हो रही है। सात घंटे कटौती दिन के समय हो रही है, जबकि तीन घंटे कटौती रात्रि के समय हो रही है।
विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर करें फोन
कासगंज। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता राजकुमार ने जिले में विद्युत आपूर्ति बाधित होने टोल फ्री नंबर व विद्युत अधिकारियों के नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि टोल फ्री नंबर 1912 पर मुख्य अभियंता वितरण अलीगढ़ क्षेत्र, मोबाइल नंबर 9412756523 अधीक्षण अभियंता, 9193304111 अधिशासी अभियंत प्रथम सहित उपखंड अधिकारी और अवर अभियंताओं को फोन पर जानकारी दे सकते हैं।
बिजली की आपूर्ति सुचारु न होने से गर्मी में लोग परेशान हैं। वहीं, सिंचाई का संकट बना हुआ है। महंगे डीजल से सिंचाई करनी पड़ रही है। बार बार शिकायतों के बावजूद विद्युत विभाग के अधिकारियों का ध्यान नहीं है। - राहुल कुमार, नगरिया।
पंपसेट से सिंचाई करने की मजबूरी है। महंगे डीजल से सिंचाई करने पर किसानों को आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। गांव आटा चक्की का संचालन नहीं हो पा रहा और ट्रिपिंग की समस्या भी विकराल हो रही है। - विनय कुमार, म्यांसुर।