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ताजमहल में प्रवेश के लिए आमरण अनशन: महंत परमहंस दास ने बताया शिव मंदिर, पुलिस ने रास्ते में रोका तो त्यागा अन्न-जल

Tue, 03 May 2022 12:14 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

अयोध्या के परमहंस दास ने पांच मई को ताजमहल में प्रवेश का एलान किया था। लेकिन वह मंगलवार को ही अचानक आगरा पहुंच गए, जिससे पुलिस प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। 
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पुलिस ने महंत और उनके शिष्य को रास्ते में रोका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजमहल में प्रवेश से रोके जाने का आरोप लगाकर सुर्खियों में आए अयोध्या की तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास मंगलवार को फिर आगरा पहुंच गए। उन्होंने ताजमहल में भगवान शिव की पूजा करने का एलान किया है। सुबह करीब 11 बजे महंत परमहंस दास अपने शिष्यों के ताजमहल के लिए रवाना हुए, लेकिन भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। महंत का कहना है कि ताजमहल तेजोमहालय है। वह वहां पूजा करना चाहते हैं। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देकर ताजमहल में नहीं जाने दिया है। 

पुलिस प्रशासन पर भड़के महंत 

पुलिस द्वारा रास्ते में रोके जाने पर महंत परमहंस दास ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए कहा कि वह एएसआई के अधिकारी के निमंत्रण पर आगरा आए थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने रास्ते में ही रोक दिया। चार घंटे सड़कों पर घूमाने के बाद एक गेस्टहाउस में रखा है। महंत ने आरोप लगाया कि उन्हें ताजमहल में भगवा वस्त्रों की वजह से प्रवेश नहीं दिया गया है। जबकि अन्य लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है।    

'विहिप के लोगों के साथ गए परमहंस दास'

एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि अयोध्या के महंत परसहंस दास को समझाया गया है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि ताजमहल में किसी तरह आयोजन करना गैर कानूनी है। इस बीच विश्व हिंदू परिषद के लोग भी आए। वे उन्हें अपने साथ लेकर गए हैं। वहीं पुलिस प्रशासन के अफसर महंत परमहंस दास से बाचचीत कर रहे हैं। बता दें कि परमहंस ने पांच मई को ताजमहल पर धर्म संसद का आह्वान किया है। इसके चलते प्रशासन अलर्ट है।

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महंत ने लगाया था यह आरोप 

इससे पूर्व महंत परमहंस दास 26 अप्रैल को आगरा आए थे। तब उन्हें नियम के विरुद्ध प्रवेश से रोक दिया गया था। इस पर तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने भगवा वस्त्र और धर्म दंड की वजह से ताजमहल में प्रवेश से रोके जाने का आरोप लगाया था। यह भी आरोप लगाया कि वहां मौजूद धर्म विशेष के लोगों के इशारे पर ताजमहल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों ने उनके साथ बदसलूकी की। अनुयायी का मोबाइल छीन कर फोटो और वीडियो डिलीट करने का भी आरोप लगाया था। 

महंत के आरोपों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षक पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने कहा था कि सुरक्षा जांच में महंत से धर्मदंड को लॉकर में रखने और लौटकर वापस लेने का आग्रह किया गया था, लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया। वह तुरंत वापस लौट गए थे। उनके वस्त्रों को लेकर कोई विवाद नहीं था। किसी भी रंग का कपड़ा पहनकर ताज में प्रवेश किया जा सकता है।

धार्मिक और प्रमोशनल गतिविधि हैं प्रतिबंधित 

नियम के अनुसार ताजमहल के अंदर किसी भी प्रकार की धार्मिक और प्रमोशनल गतिविधि नहीं की जा सकती है। केवल शुक्रवार के दिन और ईद पर ही यहां स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती है। शाहजहां के उर्स के तीन दिनों के दौरान यहां इबादत का दौर चलता है। मंगलवार को ईद पर दो घंटे के लिए प्रवेश निशुल्क रहा। सुबह साढ़े आठ बजे ताजमहल का शाही मस्जिद में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की। 
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