राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य योजना (एनआरएचएम) के छह हजार से ज्यादा संविदा कर्मियों को भविष्य निधि का फायदा मिलने लगेगा। अप्रैल 2015 से यह लाभ दिया जाएगा। क्षेत्र के आठ में से चार जिलों ने संविदा कर्मियों की सूची भेज दी है, जबकि शेष की मिलनी बाकी है। एनआरएचएम संविदा कर्मियों को पीएफ कवर देने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग और दूसरे सरकारी विभागों के संविदा कर्मियों को पीएफ के दायरे में लाया जाएगा।
पीएफ रीजनल कमिश्नर विश्वजीत सागर ने बताया कि आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद और एटा जिले के चार हजार से ज्यादा संविदा कर्मियों की सूची उनके पास आ चुकी है, जिन्हें पीएफ में कवर किया जा रहा है। क्षेत्र के चार जिलों की सूची बाकी है। इस तरह करीब छह हजार से ज्यादा लोगों को अप्रैल 2015 से भविष्य निधि के सभी फायदे मिलने शुरू हो जाएंगे।
मजदूरों की तनख्वाह उनके बैंक एकाउंट में
नोट बंदी के बाद कैश की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने सभी फैक्ट्रियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि नवंबर महीने की मजदूरों की तनख्वाह उनके बैंक एकाउंट में देनी होगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सभी नियोक्ताओं को कर्मचारियों का वेतन केवल बैंक में ही देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पीएफ रीजनल कमिश्नर विश्वजीत सागर ने प्रवर्तन अधिकारियों की तीन टीमें बना दी हैं, जिनमें एक टीम डीएम आफिस से संपर्क कर सभी कर्मचारियों के एकाउंट खुलवाएगी, जिनके बैंक खाते नहीं हैं। दूसरी टीम ईएसआईसी अधिक ारियों से संपर्क कर एकाउंट खुलवाएगी और तीसरी टीम बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिष्ठानों में ही बैंक के सहयोग से स्पेशल कैंप लगवाएगी। एक दिन में जिले में मजदूरों के 1195 एकाउंट खोले गए हैं। वेतन की तारीख से पहले तक सभी फैक्ट्रियों में एकाउंट खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
15 जनवरी तक जमा करें पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट
आगरा। पीएफ आफिस ने अन्य पेंशनरों की तरह अपने पेंशनरों को भी 15 जनवरी तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने को कहा है। पीएफ रीजनल आफिस, आगरा के 27,500 पेंशनर हैं। इन्हें स्टेट बैंक आफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के जरिए पेंशन मिलती है। पहले यह समय सीमा नवंबर तक थी, लेकिन नोट बंदी के बाद मियाद बढ़ा दी गई है। यही नहीं, ईपीएफ पेंशनर अपने जीवन प्रमाण पत्र को जिले में मौजूद किसी भी जनसुविधा केंद्र के जरिए भी जमा कर सकते हैं। आधार कार्ड के कारण पूरी तरह से बायोमेट्रिक प्रणाली के चलते जनसुविधा केंद्र पर जाकर पेंशनर को केवल अंगूठा लगाना होगा। इससे उन्हें पीएफ आफिस तक नहीं जाना होगा। वह बैंक में भी बायोमेट्रिक तरीके से अपना लाइफ सर्टिफिकेट दे सकते हैं।