इसलिए है जरूरी
- पांच राज्यों के 35 से अधिक जिलों से आते हैं मरीज।
- हर साल पांच लाख मरीज पाते हैं एसएन में इलाज।
- 167 साल पुराना है एसएन कॉलेज।
ये हैं सुविधाएं
- बैक्टीरिया, वायरस की जांच के लिए वायरोलॉजी लैब।
- जंबो पैक समेत रक्त के सभी अवयव की सुविधा।
- कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा, आई बैंक भी बनी है।
विधायक बोले, मंत्रिमंडल की मुहर लगना बाकी
आगरा के विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि योजना पर मंत्रिमंडल की मुहर लगना बाकी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना से मिल चुका हूं। दो-तीन दिन में फिर लखनऊ जा रहा हूं। जल्द ही इस पर मुहर लगेगी।
फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा ने कहा कि मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री से भी मिले हैं। यह प्रोजेक्ट पूरा होने से फिरोजाबाद समेत आसपास के जिलों के मरीजों को गंभीर रोगों का इलाज मिलेगा, गरीब मरीजों के लिए बड़ी सुविधा हो जाएगी।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज और लेडी लॉयल के इंटीग्रेटेड का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। जनप्रतिनिधि भी पूरी कोशिश कर रहे हैं। एसएन में एम्स सरीखी चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी।
नेशनल चैंबर ऑफ इंड्रस्टीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि एसएन को मिनी एम्स के तर्ज पर विकसित करने के लिए सीएम को कई पत्र लिख चुके हैं। जनप्रतिनिधि भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पर मुहर लगे तो सौगात मिले।