फॉलोअप में जब दिखाने आए तो उनको आईफ्लू भी हो गया। ऐसे 20-25 फीसदी मरीज हैं। मेडिसिन विभाग के डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि वायरल फीवर के मरीजों में कमी नहीं आई है। अभी मरीजों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, आंखों में दर्द, बेचैनी की दिक्कत मिल रही है। थकावट और भूख कम लग रही है। खराश, गले में दर्द और छाती में जकड़न की भी परेशानी बता रहे हैं।
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नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा सेन ने बताया कि 82 मरीजों में आई फ्लू मिला। इनमें से 37 मरीजों की आंख और पलकों पर सूजन भी मिली। इनमें 10-15 बच्चे ऐसे रहे, जिसमें जलन-खुजली होने पर आंखों को रगड़ दिया। इससे परेशानी और बढ़ गई। जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षिका डॉ. अनीता शर्मा ने बताया कि ओपीडी में 3800 मरीजों में से बुखार-खांसी, आई फ्लू के अलावा त्वचा रोग के मरीजों की संख्या अधिक है। मरीज खुजली, फंगल इन्फेक्शन, बाल गिरने की परेशानी बता रहे हैं।
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ठसाठस भरा हॉल, पर्चे-दवा के लिए धक्कामुक्की
सोमवार को एसएन और जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ से व्यवस्था चरमरा गईं। सुबह 10 से 12 बजे तक हॉल ठसाठस भर गया। जल्दी पर्चा बनवाने और दवा लेने के लिए धक्कामुक्की रही। इससे बुजुर्ग और महिला मरीजों की हालत खराब हो गई। इस पर गार्ड ने मरीजों को लाइन में लगवा कर व्यवस्था संभाली।
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