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चार घंटे बाद भर्ती किया, फिर कहा-कल ओपीडी में दिखाना

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आगरा। मंगलवार को दो दृश्य ऐसे रहे, जिससे चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की बदहाली सामने आई। फिरोजाबाद का व्यक्ति ऑटो में पत्नी को लेकर भर्ती कराने के लिए लेडी लॉयल और इमरजेंसी के बीच चक्कर काटता रहा। मरीज दर्द से कराहती रही लेकिन चार घंटे तक उसे इलाज नहीं मिला। बाद में भर्ती किया लेकिन फिर कल आने की कहकर घर भेज दिया। एसएन की ओपीडी में अपनी मां को एंबुलेंस न मिलने पर ढकेल पर लेकर इलाज के लिए लाया। यह भी ओपीडी से इमरजेंसी तक भटकता रहा।
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फिरोजाबाद के रामनरेश ने बताया कि उनकी 46 साल की पत्नी गुड्डी देवी का पेट फूल गया था। सुबह करीब 11 बजे इमरजेंसी पहुंचे, यहां मरीज के पर्चे देखकर लेडी लॉयल भेज दिया गया। घंटेभर बाद स्टाफ आया और उन्होंने भी कागज देखकर इसे इमरजेंसी में भर्ती के लिए भेज दिया। इमरजेंसी में करीब तीन बजे भर्ती किया। दो घंटे बाद कहा कि कैंसर रोग के चिकित्सक देखेंगे, वह आए नहीं हैं। बुधवार को ओपीडी में दिखा देना। यह कहते हुए घर भेज दिया।
एसएन के लिए रेफर किया था
ऑटो में मरीज होने की जानकारी पर उनके पर्चे देखे गए। उनका पहले ऑपरेशन हुआ था, बाद में परेशानी होने से पेट फूला हुआ था। उनको इमरजेंसी के लिए भेजा था। उनको एसएन के लिए रेफर कर दिया था।
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-डॉ. रेखा गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक लेडी लॉयल
मामले में हिदायत देता हूं
मरीज को इमरजेंसी में पहली बार में ही भर्ती क्यों नहीं किया गया। एक बार जब भर्ती कर लिया तो मरीज को घर क्यों भेजा, इस मामले के बारे में पता करता हूं। दोबारा ऐसा न हो, इसकी सख्त हिदायत भी दूंगा।
-डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य एसएन
एंबुलेंस नहीं मिली, ढकेल पर लाया मरीज
खटीकपाड़ा निवासी नवरतन ने बताया कि उनकी मां हरनाम कौर की दो तीन दिन से बुखार आ रहा हे। खा-पी नहीं रही हैं, मंगलवार को तबियत ज्यादा खराब हो गई। एंबुलेंस मिल नहीं पाई, ऐसे में ढकेल पर लेकर ओपीडी गया। यहां बताया कि इमरजेंसी चले जाओ, वहां भर्ती करा दो। ढकेल पर मां को इमरजेंसी लाया। यहां भी काफी देर तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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