आगरा के जिला अस्पताल में गुरुवार को मूक-बधिर मरीज शाहिद (59) ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि मरीज को भर्ती कराने के लिए तीन घंटे तक जिला अस्पताल में भटकते रहे। जब भर्ती किया तो मृत घोषित कर दिया।
रकाबगंज के कटघर ईदगाह निवासी 59 साल के जूता फैक्ट्री में काम करने वाले शाहिद अली को पेट की बीमारी थी। बेटे सलमान खान का आरोप है कि सुबह सात बजे जिला अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन काउंटर नहीं खुला। बताया कि साढ़े आठ बजे काउंटर खुलेगा, इस पर वह इंतजार करने लगा।
काउंटर खुलने के बाद पर्चा बनवाया तो उसमें 35 नंबर लिख दिया। मरीज को लेकर 35 नंबर के कमरे में गए तो वहां डाक्टरों ने 31 नंबर के लिए भेज दिया और पर्चे पर भी करेक्शन कर दिया।
31 नंबर पर गया तो उनको 30 नंबर वाले कमरे में लेकर जाने को कहा। यहां भी मरीज को भर्ती नहीं किया और डाक्टरों ने 24 नंबर वाले कमरे में भेज दिया। जहां डॉक्टरों ने जांच की तो बताया कि इनकी मौत हो गई है।
'तुरंत भर्ती करते तो पापा की जान बच जाती
बेटे फरमान ने बताया कि पापा आठ-दस दिन से बीमार चल रहे थे, पास के ही डाक्टर से ड्रिप भी लगवाई थी। सुबह हालत ज्यादा खराब हो गई। अगर समय पर इनको भर्ती कर लिया जाता तो जान बच जाती।
देरी नहीं हुई, भर्ती करते ही दम तोड़ दिया - एसआईसी
एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि देरी नहीं की गई है। मरीज का साढ़े नौ बजे के करीब का पर्चा बना है। मरीज और तीमारदारों को सैनिटाइज कराके भर्ती करवाया, चिकित्सकों ने देखा लेकिन मरीज की पहले ही मौत हो गई थी, इनके परिजनों को पोस्टमार्टम भी कराने को कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।