उत्तर प्रदेश के आगरा में स्कूलों की तानाशाही के खिलाफ बुधवार को अभिभावकों ने मोर्चा खोला। टीम पापा के एक संगठन ने सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज के गेट पर धरना दिया जो दूसरे ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। आंधी, बूंदाबांदी के बावजूद कॉलेज गेट पर अभिभावक डटे रहे।
वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय पर भी प्रदर्शन किया गया। किसान-मजदूर नेता दिलीप चौधरी ने कहा है कि निजी स्कूलों शिक्षा के अधिकार कानून का भी पालन नहीं कर रहे हैं। जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन एसीएम द्वितीय सतीश कुमार को सौंपा।
साथ ही शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान दाताराम लोधी, चौधरी पुष्पेंद्र सिंह, बाबूलाल वाल्मिकी, किशन शर्मा, मूलचंद सिंह, रतन सिंह कुशवाह, गंभीर बघेल, कुशल यादव, अन्नु ठाकुर आदि शामिल थे।
टीम पापा संरक्षक मनोज शर्मा ने कहा कि अभिभावक और सामाजिक संस्थाएं लगातार शिकायत कर रही हैं। हम प्रमाण देने को तैयार हैं। बावजूद इसके स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे अभिभावकों का मनोबल टूटेगा।
सेंट कॉनरेड्स ने अंग्रेजी किताबों के सेट के साथ 495 रुपये की पॉकेट डिक्शनरी लगाई है। वहीं सेंट पेट्रिक्स में कंप्यूटर की एक किताब की कीमत 899 रुपये है। -नेमीचंद प्रजापति
एक विषय की 3 से 6 तक किताबें लगाई गईं हैं। पहले भी दो किताबों से पढ़ाई कर लोग बड़ा नाम करते थे। -लकी रामचंदानी, अभिभावक
फीस बढ़ने से एक परिवार पर करीब 25000 रुपये का फीस का ही अतिरिक्त खर्चा बढ़ गया है। दो दिन पूर्व जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने फीस कम करने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूल संचालकों ने कोई राहत नहीं दी। -हरेंद्र त्यागी, अभिभावक
स्कूल में न तो रोबोटिक्स और एआई के शिक्षक हैं न ही लैब फिर भी अतिरिक्त फीस वसूली जा रही है। जो प्रोग्रामिंग स्कूल में पढ़ाई जा रही है उसके लिए भी ट्यूशन लगाना पड़ता है। -अंकुर अग्रवाल, अभिभावक
बीएसए कार्यालय पर स्कूल संचालकों को 12 अप्रैल को तलब किया गया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सेंट पीटर्स कॉलेज, सेंट पेट्रिक्स जूनियर कॉलेज, सेंट फेलिक्स जूनियर कॉलेज, सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल और सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज की मनमानी से प्रदेश सरकार, बेसिक शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी की छवि धूमिल हो रही है। पांचों विद्यालयों को 12 अप्रैल को कार्यालय पहुंचकर चार बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। -जितेंद्र गोंड, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी