आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पेट में कैंसर के गंभीर मरीज की सर्जरी कर जान बचाई गई है। 6 घंटे तक ऑपरेशन चला, जिसमें पेट से भोजन की थैली निकाल दी गई। छाेटी आंत को भोजन की नली से जोड़ दिया गया। यह ही भोजन की छोटी थैली के रूप में कार्य करेगी। 10-12 महीने में मरीज सामान्य जीवन जी सकेगा।
गेस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. विक्रम सिंह सोढ़ा ने बताया कि एसएन में इलाज के लिए आए मथुरा के 54 साल के मरीज के बायोप्सी से भोजन की नली में कैंसर की पुष्टि हुई। ये अग्नाशय समेत आसपास के अंगों को भी संक्रमित कर रहा था। सीटी स्कैन कराने पर ऑपरेशन की स्थिति नहीं बन रही थी।
ऐसे में कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुरभि गुप्ता की निगरानी में मरीज को 4 चक्र में कीमोथेरेपी दी गई। इससे संक्रमण की गति कम हुई और फिर ऑपरेशन किया। इसमें मरीज के भोजन की थैली को बाहर निकाला और छोटी आंत को भोजन की नली से जोड़ा गया।
गेस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. प्रतीक शाह ने बताया कि शुरूआत में अभी तरल पदार्थ ही मरीज ले सकेगा। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा कर भोजन शुरू कर सकेगा। मरीज को भोजन अधिक चबा-चबाकर करना होगा। साल भर में सामान्य जीवन जीने लगेगा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन काफी महंगा है। यहां निशुल्क हुआ है। चिकित्सकीय टीम में डॉ. उत्कर्षा, डॉ. निखिल, डॉ. ऋषभ, डॉ. योगिता, डॉ. दीपिका चौबे रहे।
ये हैं लक्षण :
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द रहना।
- वजन कम होना, भूख कम लगना।
- भोजन का पाचन बेहतर न होना।
- उल्टी होना, रक्त की कमी होना।
इन बातों का रखें ध्यान :
- फल, हरी तरकारी और सलाद अधिक खाएं।
- तला हुआ भोजन और अधिक चटपटा न खाएं।
- पैकेट बंद भोजन, जंक और फास्ट फूड से बचें।
- धूम्रपान न करें और तंबाकू न खाएं।