मुख्तार अंसारी को वर्ष 2010 में दोबारा केंद्रीय कारागार, आगरा भेजा गया था। वह यहां करीब साढ़े चार साल निरुद्ध रहा था। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में घोसी संसदीय सीट से राष्ट्रीय कौमी एकता दल के उम्मीदवार के रूप में परचा दाखिल किया था। तब मकोका और सीबीआई कोर्ट ने 10 दिन कस्टडी पैरोल के आदेश चुनाव प्रचार के लिए दिए थे। उसकी सुरक्षा को लेकर चले मंथन के बाद अंसारी को केंद्रीय कारागार से कड़ी सुरक्षा में 10 मई 2014 को प्रचार के लिए भेजा गया था। मगर संसदीय क्षेत्र में पहुंचने से पहले चुनाव प्रचार की समयावधि बीत चुकी थी।
धर्मस्थल पर गुर्गों ने बनाया था ठिकाना
मुख्तार अंसारी के केंद्रीय कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान उसके गुर्गे भी सक्रिय रहते थे। उन्होंने जेल से 800 मीटर की दूरी पर ही ठिकाना बना लिया था। वह धर्मस्थल पर खादिम के रूप में रहा करते थे, लेकिन उनके पास लग्जरी गाड़ियां रहती थीं। अक्सर जेल के बाहर चक्कर काटा करते थे। जब भी मुख्तार को पेशी के लिए कहीं ले जाया जाता था। तब पुलिस की गाड़ियों के पीछे उसके गुर्गे भी अपने लाव लश्कर के साथ चला करते थे। पुलिस को उनकी गतिविधियों पर शक हो गया था। इसके बाद थाना जगदीशपुरा पुलिस ने उसके गुर्गों पर शिकंजा कसा था। उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। पूछताछ में पता चला था कि मुख्तार से आगरा के कई लोगों के संपर्क थे। गुर्गे जब भी आते थे, यही लोग उनकी मदद करते थे। गोपनीय सूचनाएं इन लोगों के बारे में पुलिस ने जुटाई थीं।
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कोरोना काल में शुरू हुई थी वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई
कोरोना काल में वर्ष 2020 में बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की आगरा के एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग से होने लगी थी। तभी से वह आगरा में पेशी पर नहीं लाया जा रहा था।
जिले में अलर्ट, थाना प्रभारियों को निर्देश
मुख्तार अंसारी की मौत की खबर पर प्रदेश में अलर्ट किया गया है। आगरा में भी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि जिले में अलर्ट किया गया है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। किसी को भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्तार अंसारी से जुड़ा एक मामला थाना जगदीशपुरा का कोर्ट में विचाराधीन है। इसमें सुनवाई चल रही थी। बृहस्पतिवार की रात से ही पुलिस ने सड़कों पर गश्त शुरू कर दी। खासतौर पर मिश्रित आबादी वाले इलाकों में जगह-जगह पिकेट तैनात कर दी गईं।