सदन में महापौर नवीन जैन, साथ में नगर आयुक्त अरूण प्रकाश व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
आगरा नगर निगम की सीमा में सात गांव तोरा, कलाल खेड़िया, कहरई, चमरौली, बाबरपुर, दहतोरा, नगला अलबतिया शामिल होंगे। रोहता और नैनाना जाट की जगह निगम सदन ने सिकंदरा स्थित यूपीएसआईडीसी एरिया को निगम की सीमा में शामिल करने के प्रस्ताव को सर्व सम्मति से पास कर दिया।
सदन में सोमवार को भारी हंगामे के बीच पार्षदों ने सपा सरकार में तैयार किए गए 40 गांवों को नगर निगम में शामिल करने के पूर्व में पारित किए गए प्रस्ताव को सर्व सम्मति से खारिज कर दिया। इसकी जगह नए नौ गांव के प्रस्ताव में से सात को शामिल करने की मंजूरी दी गई।
सोमवार दोपहर तीन बजे नगर निगम के 13 वें अधिवेशन में मेयर नवीन जैन ने सबसे पहले पूर्व में पास किए गए 40 गांव के प्रस्ताव को रखा और चर्चा शुरू की। सपा सरकार में पास हुए प्रस्ताव को सदन में सबसे पहले पार्षद रवि माथुर ने निरस्त करने की मांग की, उनके साथ 25 पार्षदों ने 40 गांव के प्रस्ताव को अलग अलग तर्क देकर खारिज करने की मांग की।
पार्षदों ने रोया विकास कार्य न होने का दुखड़ा
पार्षदों ने शहर के 100 वार्डों में ही विकास कार्य न हो पाने का दुखड़ा रोया और अपने काम न हो पाने पर हंगामा शुरू कर दिया। भारी शोर शराबे और हंगामे के बीच मेयर ने सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
दोबारा चर्चा शुरू करने पर महापौर ने सबसे पहले 40 गांव के प्रस्ताव को खारिज कर नया संशोधित 9 गांव शामिल करने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा, जिसे कुछ संशोधनों के साथ सर्व सम्मति से पास कर दिया गया।
9 गांव के प्रस्ताव में ये रखे गए संशोधन
महापौर ने निगम की सीमा में 9 गांव तोरा, कलाल खेड़िया, कहरई, चमरौली, रोहता, नैनाना जाट, बाबरपुर, दहतोरा, नगला अलबतिया समेत अवधपुरी और शास्त्रीपुरम को शामिल करने का प्रस्ताव पेश किया।
इसमें वरिष्ठ पार्षद रवि माथुर और शिरोमणि सिंह ने संशोधन रखे। पार्षदों ने रोहता और नैनाना जाट को हटाकर उसकी जगह यूपीएसआईडीसी सिकंदरा को शामिल करने की मांग की, जिसे सभी पार्षदों ने ध्वनि मत से पारित कर दिया।
2016 में 24वें अधिवेशन में हुआ था पास
नगर निगम ने प्रदेश में सपा सरकार के दौरान 24 वें अधिवेशन में 18 अप्रैल 2016 को 40 गांव का प्रस्ताव पास कर तत्कालीन कमिश्नर को भेजा था, जिसे 3 सितंबर 2016 को प्रदेश सरकार को भेजा गया था। प्रदेश सरकार ने 30 सितंबर 2019 को फिर से संशोधित प्रस्ताव मांगा, जिस पर नगर निगम ने केवल 9 गांव का प्रस्ताव तैयार किया। सदन से पास कराकर इसे शासन को भेजा जाएगा।
टैक्स बेस मजबूत होगा
महापौर नवीन जैन ने कहा कि पुराना 40 गांव शामिल करने का प्रस्ताव अव्यवहारिक था, जिसे सदन ने खारिज कर दिया। अब 7 गांव वही शामिल किए हैं, जो शहरी सीमा से सटे हैं और वहां होटल, कॉलोनियां बसी हुई हैं। यूपीएसआईडीसी के शामिल होने से निगम का टैक्स बेस मजबूत हो जाएगा।