आगरा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में आयुष्मान कार्ड बनवाने का कार्य पिछड़ गया है। 23 महीने में 1.76 लाख लोगों के ही कार्ड बन पाए हैं। कार्ड बनने में देरी होने से काफी लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सितंबर 2018 में योजना शुरू हुई, इसमें 2011 की सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना के अनुसार 1.61 लाख परिवारों के 877550 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनने हैं। इसमें लाभार्थी का नाम समेत अन्य जानकारी रहती है। इस कार्ड से किसी भी बीमारी में पांच लाख रुपये तक के इलाज का खर्च सरकार उठाती है। लेकिन कार्ड बनने में देरी के कारण अभी लगभग सात लाख लोगों के कार्ड नहीं बन पाए हैं।
सरकारी और निजी अस्पताल में मिलता है निशुल्क इलाज
योजना से 43 निजी अस्पताल और 22 सरकारी अस्पताल जुड़े हुए हैं। इसमें परिवार के सदस्य के अस्पताल में भर्ती होने पर पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क होता है। इसका पैसा सरकार अस्पताल को मुहैया कराती है।
लगाए जाएंगे शिविर
कोरोना महामारी के कारण कार्ड बनाने का कार्य प्रभावित हुआ। अब 26 से नौ अगस्त तक गांव-देहात के सीएचसी, राशन डीलर, स्कूलों में शिविर लगाकर कार्ड बनाए जाएंगे। - डॉ. पीके शर्मा, प्रभारी आयुष्मान योजना