आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ऑनलाइन व्यवस्था फेल हो गई। विद्यार्थी अंकतालिका में त्रुटि सही कराने और डिग्री के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। रोजाना औसतन 250 से अधिक छात्र अपनी समस्या लेकर विवि पहुंच रहे हैं। लेकिन समस्या का समाधान न होने पर परेशान हो रहे है।
सोमवार को विश्वविद्यालय में करीब 240 से अधिक छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे। इनको अंकतालिका-डिग्री न मिलने, अंकतालिका में अंक, नामों की त्रुटियों को ठीक कराने, प्रमाणपत्रों के सत्यापन, विषय में अनुपस्थित दर्शा दिए जाने जैसी परेशानी रही। यह छात्र अलीगढ़, मथुरा, एटा-मैनपुरी समेत अन्य शहरों के भी रहे। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया में अपडेट रखने के निर्देश हैं, लंबित मामलों में क्या प्रगति है, इसकी जानकारी करता हूं।
बीए द्वितीय वर्ष की सभी विषयों में अनुपस्थित दर्शा दी है। परीक्षा में उपस्थिति की शीट भी जमा कर चुका हूं। इसके लिए आठ बार चक्कर लगा चुका हूं। ऑनलाइन भी अप्लाई किया था, लेकिन कोई अपडेट नहीं होने पर विश्वविद्यालय आना पड़ रहा है। - शिव कुमार, हाथरस
गणित के पेपर में नंबर दर्ज नहीं किए हैं, मार्क अवेटिंग दर्ज करते हुए फेल कर दिया है। इसको सुधार के लिए तीन पर प्रार्थनापत्र हेल्प डेस्क पर जमा किए हैं, लेकिन ठीक नहीं हो पा रहे, फाइनल में प्रवेश के लिए भी परेशानी हो रही है। - रोहन कुमार, धनौली
2020 में बीए फाइनल किया है, इसकी अंकतालिका अभी तक नहीं मिली है। कॉलेज वाले कहते हैं कि विश्वविद्यालय से प्राप्त नहीं हुई है, यहां आने पर कोई सही जानकारी नहीं देता है, लगभग हर सप्ताह चक्कर काट रहा हूं। - दीपक शुक्ला, कुकथला
तीन साल पुराने सत्र की डिग्री घर पहुंचाने जाने की विश्वविद्यालय प्रशासन कह रहा हैं, लेकिन उनकी डिग्री 2018 की है, अभी तक नहीं मिली है। यहां दो बार प्रार्थनापत्र दिया है, क्यों नहीं जा रही यह भी नहीं बता रहे हैं। - अमित सैनी, मथुरा