इसके बाद भी शनिवार को दोनों गवाह अदालत में हाजिर नहीं हुए। ऐसे में अदालत ने आदेश में कहा कि गवाह शिव शंकर शुक्ला पर समन व्यक्तिगत रूप से तामील हुआ और रूपेंद्र गौड़ पर रेडियोग्राम के जरिये समन प्रेषित किया गया था।
इन लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट
दोनों समन तामील होने के बाद भी अदालत में हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने यह माना कि अभियोजन पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने में उदासीनता बरत रहा है। कोर्ट ने वादी शिवशंकर शुक्ला और रूपेंद्र गौड़ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए। शिव शंकर शुक्ला सेवानिवृत्त होकर कानपुर में रह रहे हैं।
रूपेंद्र गौड़ रामपुर में एएचटीयू थाना प्रभारी हैं। हाल में वे अमरोहा के तिगड़ी मेले में ड्यूटी दे रहे हैं। अदालत ने एसएसपी मुरादाबाद को वारंट और नोटिस तामील करके तय दिनांक पर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्तार अंसारी का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रवि अरोरा ने कोर्ट में प्रस्तुत किया।
इनकी होनी है गवाही
तत्कालीन थाना प्रभारी जगदीशपुरा शिव शंकर शुक्ला, चौकी प्रभारी रूपेंद्र गौड़, जिलाधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी, एसएसपी सुवेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डीसी मिश्रा, एडीएम सिटी एके सिंह, सीएमओ एके सक्सेना, सिटी मजिस्ट्रेट पीएन दुबे, वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार केदार नाथ, जेलर कुलदीप नरायन।