लंबी कवायद के बाद आगरा में में नई सर्किल दरें जारी कर दी गई हैं। इनमें 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की गई है। कुछ क्षेत्रों की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, तीन मीटर चौड़े रास्ते पर जमीन की सर्किल दरें 15 फीसदी तक कम की गई हैं। ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इसका लाभ मिल सके। नई दरें आज (एक अगस्त) से लागू होंगी।
नई सर्किल दरें दो साल बाद लागू की गई हैं। इसके लिए सोमवार देर रात तक निबंधन विभाग के अधिकारी जिलाधिकारी गौरव दयाल के साथ मंथन करते रहे। घंटों चली कवायद के नई दरों की सूची पर डीएम ने अपनी मुहर लगा दी। बता दें कि अक्टूबर 2016 से नई दरों पर कवायद चल रही हैं। लगभग दस महीने के बाद प्रशासन इसे अंतिम रूप दे पाया है।
बीच में विधानसभा चुनाव की वजह से मामला लटक गया था। इसके बाद प्रस्तावित सूची जारी की गई थी, इस पर आपत्तियां मांगी गई थीं। लगभग सौ आपत्तियां आई थीं। इन सभी के निस्तारण में दो महीने से अधिक का समय गुजर गया। नई सर्किल रेट सूची में भगवान टाकीज से हरीपर्वत चौराहा के बीच की सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यहां एक लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर को बरकरार रखा गया है। नालबंद चौराहा से प्रतापपुरा चौराहा तक के बीच की दरों में 11 हजार रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। यहां पहले 75 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर थी। शास्त्रीपुरम क्षेत्र में सर्किल दर 15 से बढ़ाकर 16 हजार रुपये, आवास विकास में 17 से बढ़ाकर 18 हजार रुपये, दहतोरा में आठ से बढ़ाकर नौ हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की गई है।
यहां सस्ती हुई जमीन
आगरा में ग्वालियर रोड किनारे ककुआ, रोहता आदि क्षेत्रों की सर्किल रेट में कमी हुई है। इस बार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत देने का काम किया गया है। जिलाधिकारी ने जिले में तीन मीटर चौड़े रास्ते पर सर्किल रेट में 15 फीसदी की कमी कर दी है। एआईजी निबंधन निरंजन कुमार का कहना है कि नई सर्किल दरें बाजार की दरों के अनुरूप करने की कोशिश की गई है। इसलिए ज्यादा नहीं, सिर्फ 10 से 15 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी की गई है।
सोमवार को धड़ाधड़ हुए बैनामे
नई सर्किल रेट जारी होने से पहले सोमवार को निबंधन कार्यालय में 190 बैनामा हुए। सामान्य दिनों की अपेक्षा 40 फीसदी अधिक बैनामों की संख्या रही। दरअसल, तमाम लोगों को अंदेशा था कि एक अगस्त से सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसी के चलते सोमवार को बैनामा कराने वालों की भीड़ रही।