आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती कराए गए नवजात बच्चे के माता-पिता का पता नहीं चल सका है। उसे छोड़कर गए मुईन के घर तक पुलिस पहुंच गई है। मगर, वह खुद भी लापता है। उसके बारे में जानकारी से परिजन इनकार कर रहे हैं। हालांकि पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में सात अगस्त की रात को 17 दिन के बालक को भर्ती कराया गया था। उसकी आंतों में संक्रमण की शिकायत थी। उसे देहली गेट स्थित एक अस्पताल से रेफर किया गया था। भर्ती कराने वाले ने कागजों में अपना नाम पिता के रूप में मुईन लिखवाया था। उसके साथ पत्नी भी थी। भर्ती कराने के बाद दोनों चले गए थे। काफी तलाशने पर भी नहीं मिले थे। स्टाफ ने पुलिस को जानकारी दी थी। पुलिस ने मुईन की तलाश की। वह सिकंदरा के बाईंपुर का रहने वाला है। पुलिस उसके घर पहुंच गई।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि चार अगस्त को मुईन ने बालक को देहली गेट स्थित अस्पताल में भर्ती कराया था। इस बारे में सात अगस्त को पता चला था। अस्पताल में परिचित डॉक्टर ने जानकारी दी थी। इस बारे में मुईन से पूछताछ की। उसने बताया कि बालक दोस्त का बेटा है। दोस्त के पास रुपये नहीं हैं। वह रुपये का इंतजाम करने गया है। इसलिए वो देखभाल कर रहा है। अस्पताल का बिल नहीं चुकाने पर एसएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया। दोस्त के बारे में पूछताछ करने पर मुईन बाइक से कहीं चला गया। इसके बाद से लापता है। इस संबंध में परिजनों ने थाना एमएम गेट में तहरीर भी दी थी। थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार अवस्थी का कहना है कि मुईन की तलाश की जा रही है। बच्चे के स्वस्थ्य होने पर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
पुलिस ने देखे अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज
पुलिस ने देहली गेट स्थित अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को चेक किया। इसमें वह एक युवक के साथ नजर आया। इस बारे में परिजनों से पूछताछ की। युवक केके नगर का रहने वाला था। पुलिस ने उसको बुलाया। युवक ने बताया कि मुईन ने जिस बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, उसे अपना बेटा बता रहा था। कह रहा था कि उसे रुपयों की जरूरत है। इसलिए वो उसे पांच हजार रुपये देने गया था। इससे ज्यादा उसे कुछ नहीं पता है।
छोड़ दी थी नौकरी
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मुईन एक आरओ प्लांट में काम करता था। उसकी नौकरी छूट गई। इस पर सिकंदरा सब्जी मंडी में कमीशन पर काम करने लगा। कुछ समय पहले वहां से भी काम छोड़ दिया। उसकी शादी को दो साल हो चुके हैं। पत्नी भी बच्चे के बारे में नहीं जानती है।
आखिर किसका है बच्चा?
मुईन के परिजनों ने बच्चा अपना नहीं बताया है। वहीं उसके मां-बाप भी सामने नहीं आए हैं। अब यह सवाल उठता है कि आखिर बच्चा किसका है? उसे कहां से लेकर आया गया? यह बच्चा कहीं से उठाकर तो कोई नहीं लाया? इन सवालों के जवाब मुईन के पकड़े जाने के बाद ही पता चल सकेंगे।
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