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NEET UG Admission Guide: नीट यूजी रिजल्ट के बाद क्या करें? काउंसलिंग से सीट अलॉटमेंट तक जानिए पूरी प्रक्रिया

Tue, 23 Jun 2026 11:31 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

नीट यूजी का रिजल्ट आने के बाद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया काउंसलिंग, चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट के कई चरणों से गुजरती है। विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों को सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने और कॉलेज विकल्प भरते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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नीट यूजी की पुनर्परीक्षा संपन्न हुई।
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विस्तार
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 नीट यूजी के बाद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया केवल रिजल्ट आने तक सीमित नहीं रहती। इसके बाद काउंसलिंग, चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट जैसे कई चरण होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सफल छात्र-छात्राओं को सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए ताकि प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में किसी तरह की परेशानी न हो। काउंसलिंग के लिए दसवीं और बारहवीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, ओबीसी-एनसीएल या ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), मूल निवास प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। सभी प्रमाणपत्रों में नाम और जन्मतिथि एक समान होना जरूरी है।
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दो चरणों में होती है काउंसलिंग
15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा- इसकी काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) कराती है। इसके तहत देशभर के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की सीटों पर प्रवेश दिया जाता है।

85 प्रतिशत स्टेट कोटा- इसकी काउंसलिंग संबंधित राज्य सरकारें कराती हैं, जिसमें राज्य के मूल निवास प्रमाणपत्र को प्राथमिकता मिलती है।

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चॉइस फिलिंग में बरतें सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉलेजों की पसंद भरते समय जल्दबाजी न करें। छात्र-छात्राओं को अपनी रैंक, पिछले वर्षों के कटऑफ और पसंदीदा कॉलेजों को ध्यान में रखकर विकल्प भरने चाहिए। एक छोटी गलती भी मनचाहा कॉलेज मिलने की संभावना को प्रभावित कर सकती है।

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ऐसे होती है सीट अलॉटमेंट
काउंसलिंग के दौरान अलग-अलग राउंड आयोजित किए जाते हैं। पहले राउंड में सीट अलॉटमेंट के बाद छात्रों को कॉलेज में रिपोर्ट करना होता है। इसके बाद सीट अपग्रेड और स्ट्रे वैकेंसी राउंड के माध्यम से शेष सीटों पर प्रवेश दिया जाता है।

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सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जरूरी
एमसीसी काउंसलिंग में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित सिक्योरिटी फीस जमा करनी होती है। कुछ परिस्थितियों में यह राशि वापस भी कर दी जाती है।

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देश में 824 मेडिकल कॉलेज
नीट यूजी काउंसलिंग के माध्यम से देशभर के 824 मेडिकल कॉलेजों की 1.29 लाख से अधिक एमबीबीएस सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। इनमें सरकारी और निजी दोनों संस्थानों की सीटें शामिल हैं।

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