शहर में नाले के किनारे सुंदरपाड़ा, काजीपाड़ा, मंटोला, ढोलीखार, नाई की मंडी, अशोक नगर, ईदगाह, लोहामंडी, यमुना किनारा, बोदला की ओर बस्तियां हैं। इस बार तेज बारिश के कारण नालों से ज्यादा कटान हुआ। दरअसल, एक साल पहले जिन नालों की दीवारें गिरीं, उनकी नगर निगम ने मरम्मत ही नहीं कराई। 15वें वित्त आयोग से नगर निगम ने बीते साल नवंबर में बजट स्वीकृत कर मरम्मत की फाइलें तैयार कीं लेकिन फाइलें अटकी रहीं।
अटकी रहीं फाइलें
पार्षद बंटी माहौर का कहना है कि नालों की मरम्मत की फाइलें एक साल पहले तैयार की गई थीं, लेकिन पिछले साल नवंबर से अब तक यह हस्ताक्षर के लिए अटकी रहीं। मंटोला, महावीर नाला, काजीपाड़ा, लोहामंडी, राजनगर में सैकड़ों मकान हैं जो गिरासू हैं। जिम्मेदारी कौन लेगा।