हाथरस में हाल ही में भीषण सड़क हादसा हुआ। खंदाैली के गांव सैमरा के 17 लोगों की माैत हो गई। गांव में कोहराम मचा है। परिवार के आंसू नहीं थम रहे हैं। भीषण हादसे आगरा कमिश्नरेट में भी हो चुके हैं। शहर से लेकर देहात तक दुर्घटनाएं में पिछले 32 सप्ताह में 376 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। 626 लोग गंभीर घायल हुए। हर सप्ताह 11 से अधिक लोगों की जान गई।
कमिश्नरेट में 49 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जिन पर अक्सर हादसे होते हैं। इनमें 29 अकेले नेशनल हाईवे पर ही हैं। इसके अलावा 10 राज्य हाईवे, 1 एक्सप्रेस-वे और 9 जिले के अलग-अलग मार्ग पर हैं। इन ब्लैक स्पाॅट पर वर्ष 2021 में 340, 2022 में 408 व 2023 में 231 हादसे हुए। इनमें क्रमश: 182, 223 व 136 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं इस साल हुए 765 हादसों में 376 की जान गई व 626 लोग गंभीर घायल हो गए।
चिंतित करने वाले हैं आंकड़े
वर्ष 2020, 2021, 2022, 2023, 2024
- सड़क दुर्घटना : 917, 907, 1087, 1007, 765
- मृतक : 529, 557, 579, 524, 376
- घायल : 656, 580, 788, 665, 626
हाईवे पर सवारी वाहन
एसीपी यातायात सैयद अरीब अहमद ने बताया कि आगरा से नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, यमुना और लखनऊ एक्सप्रेस-वे, जयपुर और ग्वालियर हाईवे निकलता है। दिल्ली-आगरा-फिरोजाबाद हाईवे की बात करें तो यह दोनों तरफ मिलाकर 6 लेन हैं। कमिश्नरेट में नेशनल हाईवे फरह से एत्मादपुर में टूंडला की सीमा तक है। यह तकरीबन 45 किलोमीटर तक है। यह शहर के बीचोबीच से होकर निकलता है। इस कारण हाईवे पर हल्के वाहन भी चलते हैं। बड़े वाहनों के आवागमन की वजह से हादसों की संभावना बढ़ जाती है। शहर में 30 प्रतिशत हादसे होते हैं, जबकि देहात में 70 प्रतिशत घटनाएं होती हैं।
रोहता नहर पर वन-वे
ग्वालियर, जयपुर से आने वाले वाहन यमुना एक्सप्रेस-वे और फिरोजाबाद की तरफ जाने के लिए रोहता चाैराहे पर आते हैं। इन्हें दिन में नो एंट्री की वजह से शहर में प्रवेश नहीं दिया जाता है। ऐसे में भारी वाहन रोहता नहर से होकर निकलते हैं। सिंगल मार्ग होने की वजह से अक्सर हादसे होते हैं। इस पर दिन में पुलिस ने वन-वे व्यवस्था भी लागू की है। शमसाबाद की तरफ से वाहनों को सैंया की तरफ से ग्वालियर की ओर निकाला जाता है। मगर, रात के समय भारी वाहन दोनों से निकलने की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं।
हाईवे पर रोड इंजीनियरिंग में कमी
एसीपी ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस-वे और लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति निर्धारित है। 100 से अधिक की गति पर चालान काटा जाता है। इसके लिए कैमरे लगे हुए हैं। ओवर स्पीडिंग की वजह से हादसे हो जाते हैं। हाईवे पर ओवरलोडेड वाहन चलते हैं। शहर के बीच से निकलने की वजह से यातायात का दबाव अधिक रहता है। कई बार अवैध कट, अवैध बस स्टैंड और लोगोंं के सड़क पार करने से हादसे होते हैं।
नेशनल हाईवे पर 29 ब्लैक स्पाॅट
सिकंदरा, हरीपर्वत, कमला नगर, न्यू आगरा, एत्माददाैला, ट्रांस यमुना, एत्मादपुर, फतेहपुर सीकरी, किरावली, शाहगंज, सदर, मलपुरा, इरादतनगर, सैंया, जगनेर, खंदाैली पर 29 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। इन पर वर्ष 2021 में 245, 2022 में 297 व 2023 में 156 हादसे हुए। इनमें क्रमश: 130, 164 व 98 की जान गई, जबकि 185, 203 व 104 लोग घायल हुए। इसी तरह राज्य हाईवे पर 10 ब्लैक स्पाॅट हैं। इनमें वर्ष 2021 में 47, 2022 में 56 और 2023 में 29 हादसे हुए। इनमें क्रमश: 26, 30, 18 की माैत, जबकि 33, 35 व 21 लोग घायल हुए। इसी तरह अन्य मार्ग पर ब्लैक स्पॉट की संख्या 9 है। इन पर भी हादसों में सैकड़ों लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
ये हैं प्रमुख घटनाएं
- 8 जुलाई 2019 को यमुना एक्सप्रेस-वे पर झरना नाले में लखनऊ से दिल्ली जा रही बस गिरने से 29 लोगों की मौत हुई थी। 22 लोग गंभीर घायल हुए थे।
- 19 जनवरी 2024 को शमसाबाद स्थित नहर में कार गिरने से 4 लोगों की मौत।
- 22 जुलाई को बाह के नरहौली गांव के पास वाहन की टक्कर से बाइक सवार 2 लोगों की मौत हो गई।
- 1 जुलाई को बिजकौली में कार के पेड़ से टकराने के कारण 3 दोस्तों की मौत।
- 26 साल पहले 9 सितंबर को किरावली में खारी नदी रपटा जैंगारा पर जुगाड़ गाड़ी पलटने से 7 महिलाओं की मौत हो गई थी।