नागपंचमी यानि देवों की कृपा पाने का पर्व सोमवार 21 अगस्त को है। शुक्ल पक्ष श्रावण मास की पंचमी नाग पंचमी के रूप में मनाई जाती है। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि नाग पंचमी के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजे से लेकर 10.31 तक रहेगा। इस दिन सपेरे से सांप का जोड़ा लेकर मुक्त कराएं, जिससे जातक के जीवन से सर्प भय एवं काल सर्प दोष से मुक्ति मिले और चांदी या तांबे के नाग नागिन के जोड़े की स्थापना करके दूध से अभिषेक करें। पंचोपचार पूजा करें और दूध, चावल से निर्मित खीर का भोग लगाएं। इस पूजा से कालसर्प योग दोष से मुक्ति मिलती है।
सोमवार को नागपंचमी पर नाग देवता को दूध पिलाने के लिए लोगों की होड़ देखने को मिलेगी। घरों और मंदिरों में सांपों के निमित्त दूध आदि चढ़ाया जाएगा। वहीं, सोमवार को सावन के 7वें सोमवार पर कैलाश मेला लगेगा, जिस वजह से शिवालयों के बाहर पिटारों में सांप लिए सपेरे दर्शन व दूध पिलाने के नाम पर दक्षिणा लेने के लिए खड़े मिलेंगे, लेकिन सांपों को दूध पिलाना उनकी मौत का कारण बन जाता है।
वाइल्ड लाइफ एसओएस के कम्युनिकेशन एंड प्रेस ऑफिसर श्रेष्ठ पचौरी ने बताया कि सपेरे जहर निकालने के नाम पर उनके दांत तोड़ देते हैं, जिस वजह से सांप कुछ खा नहीं पाते और दूध पीने के कारण उनको इन्फेक्शन हो जाता है और उनकी मौत हो जाती है।
करें ये उपाय
राहु काल में ही कालसर्प दोष की पूजा करना चाहिए। यह सबसे उत्तम मुहूर्त है। ज्योतिष शास्त्र में राहु को सर्प माना गया है। जिसकी कुंडली में राहु अशुभ है या राहु की महादशा या अंतर्दशा के कारण जीवन में कई प्रकार की परेशानियां है तो नागपंचमी के दिन शिव जी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। नागपंचमी के दिन कालसर्प दोष की शांति करानी चाहिए। नाग पंचमी के दिन सर्पों के स्वामी वासुकी और तक्षक की पूजा होती है।