मैनपुरी। एक सप्ताह में सरसों का तेल 30 रुपये किलो महंगा हो गया है। सरसों के तेल का भाव बढ़ने से महिलाओं के सामने रसोई चलाने का संकट आ गया है। लगातार बढ़ रही महंगाई से महिलाओं को घर चलाने में परेशानी हो रही है। रोजाना बढ़ रही महंगाई पर रोक लगाने के लिए सरकार को योजना बनानी चाहिए।
एक सप्ताह पहले खुले बाजार में सरसों का तेल 160 रुपये किलो था। वर्तमान में 190 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है। रसोई चलाने में सरसों के तेल का प्रयोग किया जाता है। तेल महंगा होने से महिलाओं को घर चलाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि रोजाना खाद्य पदार्थ महंगे होते जा रहे हैं। सरकार को ठोस योजना बनाकर महंगाई पर रोक लगानी चाहिए।
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मंडी में सरसों हुई महंगी
मंडी में सरसों के भाव अचानक बढ़ गए हैं। एक सप्ताह पहले सात हजार रुपये प्रति क्विंटल में बिकने वाली सरसों अब आठ हजार रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। किसान भी मंडी में सरसों कम लेकर आ रहा है। मंडी में सरसों कम आने से सरसों के दाम एक सप्ताह में अचानक ही बढ़ गए हैं। आढ़ती ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि मंडी में सरसों की आवक कम होने से सरसों के भाव बढ़ गए हैं।
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मंडी में सरसों की आवक कम हो रही है। जिससे सरसों महंगी मिल रही है। खुले बाजार में सरसों का तेल एक सप्ताह में 30 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है।
अजय गुप्ता, दुकानदार
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खुले और पैक बोतल में बिकने वाला सरसों के तेल की खपत घरों में ज्यादा होती है। तेल महंगा होने से व्यापार पर असर पड़ा है। महंगाई से बिक्री पर असर पड़ा है।
प्रतीक सक्सेना, दुकानदार
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रिफाइंड की जगह सरसों का तेल ज्यादा इस्तेमाल होने लगा है। सरसों का तेल महंगा होने से घर की रसोई तक चलाना मुश्किल हो रहा है। महंगाई पर रोक लगनी चाहिए।
प्रीती पाल, गृहिणी
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सरकार महंगाई नहीं रोक पा रही है। गैस के बाद सरसों का तेल महंगा हो गया है। घर चलाने के लिए आखिर कितने खर्चों में कटौती की जाए। महिलाएं परेशान हैं।
कृष्णा देवी, गृहिणी