स्त्री रोग विभाग में यूनिट स्थापित की गई है। इसमें दो वार्ड हैं, जिनमें 15-15 बेड की व्यवस्था है। इसमें नवजात-मां का एक ही बेड होगा। इसमें ऐसे शिशु का इलाज होगा, जिनकी हालत गंभीर नहीं होती है। वार्मर, ऑक्सीजन, फोटो थेरेपी समेत अन्य सुविधाएं हैं।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कई बार सामान्य दिक्कत होने पर नवजात को एनआईसीयू और पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ता है। मरीजों की अधिक संख्या होने पर बेड फुल रहते हैं। मदर चाइल्ड केयर यूनिट तैयार हो गई है। चिकित्सकीय स्टाफ की नियुक्ति की जानी है। अगले महीने से इसे शुरू कर देंगे। स्त्री रोग विभाग की डॉ. रिचा सिंह ने बताया कि इस यूनिट में शिशु के साथ उसकी मां की मौजूदगी से इलाज देखभाल बेहतर होगी। इससे उसके जल्द ठीक होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
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