स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे हैं 1350 कैमरे
शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 1350 कैमरे लगवाए गए हैं। इनमें से कुछ कैमरे अपराध नियंत्रण के लिए हैं तो कुछ इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए लगवाए गए हैं। कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट से मालिक की जानकारी ली जाती है। वहीं अपराधियों के वाहन और चेहरों की पहचान में भी कैमरे मददगार हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट में पाया गया था कि 452 कैमरे खराब पड़े हैं। हाल यह है कि कई चौराहों पर कैमरे व्यवस्थित नहीं हैं।
यह है स्थिति
- 260 जगहों पर 1350 कैमरे लगाए
- 234 जगहों पर 676 कैमरे और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 43 जगहों पर लगे 222 कैमरे चालू हैं
- 452 कैमरे खराब पड़े हैं, इनमें से 100 कैमरे सड़कों पर कार्य के चलते बंद होने का दावा किया जा रहा है
ऑनलाइन भी जमा होता है चालान
एसपी यातायात अरुण चंद ने बताया कि चालान कटने पर वाहन स्वामी के पास पहले मोबाइल पर मैसेज भेजा जाता है, इसके बाद चालान घर पहुंचता है। एक सप्ताह के अंदर यातायात पुलिस के कार्यालय में चालान का निस्तारण किया जा सकता है। शमन शुल्क ऑनलाइन भी जमा करा सकते हैं। एक सप्ताह बाद चालान वर्चुअल कोर्ट में भेजा जाता है। तीन महीने बाद यहां से चालान सामान्य कोर्ट में जाता है।