कासगंज में मंगलवार सुबह जिला जेल में निरुद्ध कैदी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर परिवार में भी कोहराम मच गया। जेल प्रशासन ने कैदी के शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिवार के लोगों ने हत्या की आशंका व्यक्त की है।
बीती 12 जुलाई को सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव हरपालपुर निवासी देवेंद्र (24) पुत्र शिशुपाल क्षेत्र के ही एक गांव की लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोप में जेल भेजा गया था। जेल प्रशासन ने उसे एकांतवास बैरक में रखा था। मंगलवार सुबह कैदी देवेंद्र जेल में ही बने विद्यालय के पीछे जंगले पर गमछे का फंदा लगाकर फांसी पर झूल गया। कैदियों ने जब देवेंद्र का शव फांसी के फंदे पर झूलता देखा तो जेल प्रशासन को सूचना दी। कैदी के परिजनों को सूचना दी गई। जेल प्रशासन ने कैदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यहां कैदी के परिजन भी पहुंच गए, लेकिन कैदी के परिजन खुदकुशी की बात से सहमत नजर नहीं आए और उन्होंने हत्या की आशंका व्यक्त की है। हालांकि जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कैदी ने गमछे से फंदा लगाकर जंगले से लटक कर जान दी है।
परिजन बोले समझ से परे
कैदी के भाई विनोद ने बताया कि उनका भाई छेड़छाड़ के आरोप में जेल गया था। मंगलवार सुबह जेल प्रशासन ने भाई द्वारा खुदकुशी करने की खबर दी, लेकिन खुदकुशी की बात हमें समझ नहीं आ रही। मामले की जांच होनी चाहिए। घटना के पीछे कोई और कारण भी हो सकता है।
जेलर एएन सिंह ने बताया कि कैदी छेड़छाड़ का आरोपी था। उसे एकांतवास के लिए अस्थायी जेल में रखा गया था। मंगलवार सुबह बारिश हो रही थी। किसी तरह उसने अस्थायी जेल के समीप बने बच्चों के विद्यालय के पीछे जंगले से गमछे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
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