यह टीमें मौके पर जाकर विद्यालयों की सच्चाई को एक दफा अपनी पुरानी रिपोर्ट से मिलान करेगी, वह जांच करके विद्यालयों की वस्तुस्थिति बताते हुए अपनी रिपोर्ट देंगे। समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि विगत जांच में जो विद्यालय छात्रवृत्ति के अयोग्य पाए गए हैं उनकी जांच एसडीएम स्तर के अधिकारियों की टीम करेंगी। डीएम के निर्देश पर यह टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट देंगे।
छात्र न उपस्थिति और न ही कैंपस
पिछली दफा जो रिपोर्ट एसडीएम ने दी थी, उसमें इन विद्यालयों के पास न तो छात्र हैं न इन छात्रों की उपस्थिति ही है और न ही विद्यालय कैंपस ही पूरी तरह से हैं। एक-एक विद्यालय संचालक द्वारा एक एक दर्जन विद्यालयों को एक ही कैंपस में चलना दिखाया गया है। कई विद्यालयों में स्टाफ तक नहीं है।
दरअसल, कुछ विद्यालय संचालकों की पैठ शासन में है, जिसकी बदौलत वह गलत तरीके से छात्रवृत्ति हासिल करते रहे इन विद्यालयों के जांच में फंसने पर अब वही लोग बार-बार जांच करा रहे हैं। इसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जनप्रतिनिधि भी जुड़े हैं।