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मथुरा: वृंदावन में यमुना से हटाया पांटून पुल, जान जोखिम में डाल नदी पार कर रहे ग्रामीण

Mon, 19 Jul 2021 12:06 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

यमुना के केशीघाट और देवरहा बाबा घाट पर पांटून पुल बने हैं। इनके हटने के बाद दर्जनों गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करते हैं। 
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नाव में सवार होकर यमुना पार करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा में बारिश के मौसम में यमुना का जल स्तर बढ़ने से पहले ही वृंदावन के दोनों पांटून पुल हटा दिया गया है। इससे वृंदावन और वेलवन क्षेत्र का सड़क यातायात संपर्क कट गया है। अब क्षेत्रीय ग्रामीण वृंदावन आने-जाने के लिए जान जोखिम में डालकर नावों का सहारा ले रहे हैं।

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मांट तहसील के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का वृंदावन आना-जाना होता है। रोजगार आदि की दृष्टि से ये गांव पूरी तरह से वृंदावन से जुड़े हैं। इसी कारण इन गांवों की यातायात व्यवस्था के लिए वृंदावन में यमुना पर दो पांटून पुल केशीघाट और देवरहा बाबा घाट पर बने हैं। बारिश के दौरान यमुना में पानी बढ़ने पर इन्हें हटा दिया जाता है। 

निर्धारित व्यवस्था के तहत रविवार को उक्त पांटून पुल यमुना से हटा दिए गए। हालांकि इस कार्य के लिए उक्त पांटून पुल पर यातायात तीन दिन पहले ही रोक दिया गया था। इस स्थिति में वेलवन क्षेत्र के ग्रामीण वृंदावन आवागमन के लिए यमुना पार करने को नावों का सहारा ले रहे हैं। बाइक, साइकिल आदि भी नावों के सहारे यमुना पार कराई जा रही हैं।

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तय करनी होगी 17 किलोमीटर की दूरी
वृंदावन से मांट तहसील पहुंचने के लिए पांटून पुल हटने के बाद ग्रामीणों को पानीगांव सड़क पुल से जाना होगा। यह दूरी करीब 17 किलोमीटर की है, जिसके बीच दो दर्जन से अधिक गांव आते हैं। इसमें बेगमपुर, झांगीरपुर, डांगौली, वेलवन आदि शामिल हैं। पांटून पुल होने पर यह दूरी घटकर करीब 5-6 किलोमीटर रह जाती है। इसमें आधा दर्जन गांव तो सिर्फ एक से दो किलोमीटर के दायरे में यमुनापार क्षेत्र में स्थिति हैं।

खतरनाक है नावों का सफर
वृंदावन से वेलवन की ओर यमुना पार करने के लिए ग्रामीणों द्वारा नावों का सहारा लिया जा रहा है। इन नावों में लोगों के साथ नाविक बाइक भी रखकर ले जाते हैं। नावों में अधिक सवारी होने से यह सफर खतरनाक भी रहता है। साथ ही बाइक को नाव तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को बहुत मशक्कत करनी पड़ती है।

पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता आरोपी सिंह ने बताया कि यमुना में पानी बढ़ने पर इन पुलों को हटा दिया जाता है। जैसे ही अक्तूबर माह में पानी कम होगा, जनता की सुविधा को देखते हुए इन्हें चालू कर दिया जाएगा। 
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